सरकारी जमीन पर किया कब्जा
इसके बाद एसडीएम फरीदपुर रामजनम यादव ने नायब तहसीलदार शुभम पांडेय की अध्यक्षता में एक टीम गठित की। उस टीम ने जांच कर 29 मई को अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी। इसमें उन्होंने बताया कि लगभग 300 वर्ग मीटर सरकारी जमीन मेहताब ने कोठी निर्माण के दौरान दबा ली है। इसके बाद एसडीएम ने गलत रिपोर्ट देने वाली लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शनिवार को निलंबित कर दिया। वहीं, कानूनगो पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है।
एसडीएम रामजनम यादव ने बताया कि स्मैक तस्कर के पक्ष में लेखपाल व कानूनगो ने रिपोर्ट दी, जिसमें उन्होंने सरकारी जमीन को खाली बताया, जबकि पुनः जांच कराने पर सरकारी जमीन तस्कर की कोठी में दबी पाई गई। गलत रिपोर्ट देने पर लेखपाल को निलंबित किया गया। कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखकर डीएम को भेजा गया है।