21 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों के रद्द होने से आम आदमी की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इन गाड़ियों के रद्द होने के पीछे रेलवे अफसर ड्राइवरों की भारी कमी बता रहे हैं। रविवार 31 जुलाई को मुरादाबाद मंडल के 17 और ड्राइवर रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद ट्रेनों की चाल और डगमगा सकती है।
केवल मुरादाबाद मंडल में देखें तो यहां 450 ड्राइवरों की कमी चल रही है। इतनी बड़ी संख्या में ड्राइवरों की कमी होने से ड्यूटी को लेकर आए दिन विवाद खड़े होते रहते हैं। इसकी वजह यह कि ड्राइवरों को बिना रेस्ट के लगातार ड्यूटी करने पड़ रही है, जिससे वे तनाव में हैं और छुट्टी लेने के लिए नए-नए बहाने ढूंढते रहते हैं। सिक पर जाने वाले ड्राइवरों और गार्ड की संख्या भी बढ़ रही है। इससे अधिकारियों को ट्रेनें चलवाने के लिए सख्त रुख अपनाना पड़ रहा है। 31 जुलाई को मुरादाबाद मंडल में करीब सौ से अधिक कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं। इनमें 17 ड्राइवर शामिल हैं। हर महीने ड्राइवरों के रिटायर होने से रेल अफसर खासे टेंशन में हैं।
रेल सूत्रोेें की मानें तो ड्राइवरों की कमी बढ़ने के कारण रेलवे को कुछ और ट्रेनों को रद्द करना पड़ सकता है। इनमें कुछ ट्रेनों को कल पहली अगस्त से रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा लगातार बढ़ रहे डीजल खर्च को कम करने को बरेली बनारस एक्सप्रेस जैसी कुछ गाड़ियों के ठहराव कम किए जा सकते हैं।