कुपोषण का कलंक मिटाने के लिए जिला प्रशासन की योजनाबद्ध पहल से उत्साहित कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी ने भी मंडल के लिए कार्ययोजना बनाई है। बरेली के अलावा बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में चिह्नित अति कुपोषित गांवों को 55 मंडलीय अफसरों को गोद दे दिया गया है। ये अफसर पोषण अभियान चलाने के साथ ही हर महीने बच्चों की रिपोर्ट कॉर्ड तैयार करेंगे।
कुपोषण प्रभावित गांवों में अफसरों के साथ डॉक्टरों की टीम भी साथ जाएगी। कमिश्नर ने मंडल के प्राइवेट स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को भी जोड़ने की घोषणा की है। 16 जनवरी को आईएमए बरेली सभागार में सभी बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की बैठक बुलाई गई है। उसमें कुपोषित बच्चों के पोषण की व्यावहारिक और द्रुत प्रभावी रणनीति तैयार होगी। सात जनवरी को रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में पोषण पुनर्वास केंद्र का शुरू होगा। उसमें मंडल के अति कुपोषित 30 बच्चों को भर्ती कर उनकी पोषण संबंधी देखरेख की जाएगी। बच्चों के साथ अभिभावकों को भी यहां रखा जाएगा और उनके खानपान की नि:शुल्क व्यवस्था होगी।
शुक्रवार को कमिश्नरी में अफसरों की बैठक में कमिश्नर ने दोबारा सर्वे कराने को कहा ताकि कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी या अधिकता की ताजा तस्वीर सामने आ सके। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार भी मौजूद थे।