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कोविड टीकाकरणः तीसरे चरण के पहले दिन 220 को लगी वैक्सीन

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demo photo - फोटो : अमर उजाला
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तीसरे चरण के पहले दिन 220 को लगी वैक्सीन, 45 से 60 वर्ष के मरीज सर्टिफिकेट दिखाने पर किए जाएंगे प्रतिरक्षित

बरेली। दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में सोमवार को तीसरे चरण के वैक्सीनेशन का सिलसिला शुरू हो गया। शहर में बने चार केंद्रों पर देर शाम तक दो सौ से ज्यादा बुजुर्ग और बीमार लोगों ने टीका लगवाकर खुद को प्रतिरक्षित कर लिया। अफसरों के मुताबिक, भविष्य में सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि लोगों को परेशानी न हो सके।
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स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, शाम पांच बजे तक खुशलोक अस्पताल में 100, जिला अस्पताल में 89 और यूपीएचसी सिविल लाइंस में 31 व्यक्तियों को प्रतिरक्षित किया गया। अभियान का जायजा लेने के लिए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने जिला अस्पताल और खुशलोक अस्पताल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की जांच की। वहीं, अन्य अफसरों ने भी निर्धारित केंद्र का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने बताया कि चार मार्च को 45 से 60 वर्ष की आयु से अधिक उम्र के व्यक्तियों का फिर से टीकाकरण होगा। चार मार्च को उन्हें ी वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जाएगी, जिन्हें चार फरवरी को प्रतिरक्षित किया गया था। टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वह संक्रमण से बच सकें। 45 से 60 वर्ष तक के बीमार लोगों को स्वास्थ्य संबंधी फार्म भरना होगा।

जहां इलाज चल रहा है वहां मिलेगा सर्टिफिकेट

डॉ. सिंह ने बताया कि तीसरे चरण में 45 से 60 वर्ष के बीमार व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा है। बताया कि बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष सर्टिफिकेट बना है। इसमें बीमारी की सारी जानकारी होगी। इस सर्टिफिकेट पर रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर के साइन होंगे। सर्टिफिकेट टीकाकरण केंद्र में जांचकर्ता को देना होगा। इसी आधार पर ही रजिस्ट्रेशन होगा और टीका लगेगा। अगर यह फॉर्म किसी को उपलब्ध नहीं हो पाता है तो इस सर्टिफिकेट की जानकारी को टाइप करा कर भी लाने पर मान्य होगा। बशर्ते इलाज करने वाले चिकित्सक से इसे सत्यापित कराना होगा।

दिशा पाटनी के पिता ने लगवाई वैक्सीन

बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के पिता जगदीश पाटनी कोविड वैक्सीन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने स्वदेशी वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए लोगों से टीकाकरण अभियान में योगदान देने की अपील की। कहा, वैक्सीन लगने के बाद उन्हें किसी तरह की घबराहट नहीं हुई। उधर, गृहणी नीना खंडेलवाल ने भी वैक्सीन लगने के बाद किसी तरह की हालत बिगड़ने या तबियत खराब होने से इनकार किया। अफसरों के मुताबिक सोमवार को दो सौ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई गई मगर एईएफआई यानी हालत बिगड़ने का एक भी केस केंद्रों पर रिपोर्ट नहीं हुआ है।
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