कई चिकित्सकों से छिने प्रभार, अब कर्मचारियों की बारी
सीएमओ बोले - 150 कंटेनर बॉक्स मिले थे खाली, जांच अभी जारी
बरेली। कोरोना के हजारों संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल जांच के लिए न भेजे से बर्बाद होने के मामले में कोविड अस्पताल के सीएमएस को पद से हटा दिया गया है। इस मामले में कई चिकित्सकों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर उनसे प्रभार छीन लिए गए हैं। जांच अभी जारी है। सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि बड़ी तादाद में खाली थर्माकोल कंटेनर बॉक्स को पैक करके रखा गया था। यह किसने किया, इसकी जांच कराई जा रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले महीने कोरोना की जांच को लिए गए दस हजार आरटीपीसीआर सैंपल तीन सौ बेड कोविड अस्पताल में रखे मिले थे। अगस्त और सितंबर के सैंपल जांच के लिए लैब न भेजकर उन्हें बर्बाद करने के प्रकरण की जांच की जा रही है। करीब डेढ़ सौ कंटेनर खाली मिलने का दावा अफसरों ने किया है। वहीं, 15 बॉक्स भरे मिले थे। प्रत्येक में क रीब 25 संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल थे, जो बर्बाद हो गए। प्रकरण की जांच जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरएन गिरि और सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम कर रहे हैं।
अब तक की जांच में पूर्व में कोविड सैंपल के नोडल अधिकारी रहे डॉ. सीपी सिंह, कोविड अस्पताल के सीएमएस डॉ. पवन कपाही और आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास की भूमिका संदिग्ध मिली है। इस पर सीएमओ ने डॉ. कपाही को सीएमएस के पद से हटाकर उनकी जगह डॉ. सतीश चंद्रा को कार्यभार सौंपा है। उन्हें ही सैंपलिंग इंचार्ज बनाया गया है। आईडीएसपी इंचार्ज का प्रभार डॉ. मीसम से हटाकर डॉ. अनुराग गौतम को सौंपा गया है। डॉ. सीपी सिंह को कोरोना सैंपलिंग की जिम्मदारी से मुक्त कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच अभी जारी है। जो कर्मचारी इसमें लिप्त रहे हैं, उनका पता किया जा रहा है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।