बर्बाद किसानों का सहारा अब बनेंगे बैंक । गत दिनों ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान से उबारने के क्रम में बरेली के बैंकर्स समिति ने इस साल के लिए 23 प्रकार के फसलों पर प्रति हेक्टेयर दी जाने वाली लोन राशि की सीमा बढ़ा दी है। साथ ही कृषि मद में इस वर्ष 162.15 करोड़ रुपये और फसली ऋण के मद में 52 करोड़ रुपये ज्यादा बांटने का लक्ष्य है। दूसरी ओर होम लोन, एजूकेशन लोन सरीखे अन्य प्राथमिकता वाले सेक्टर में बंटने वाले लोन का लक्ष्य 99 करोड़ रुपये घटा दिया गया है।
बृहस्पतिवार शाम को विकास भवन में हुई बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा समिति में इसकी संस्तुति हुई। इसमें फसली ऋण का वित्तमान निर्र्धारित करते हुए वर्ष 2014-15 की तुलना में वर्ष 2015 - 16 में लोन की राशि धान से लेकर गेहूं और हल्दी तक पर बढ़ा दी गई है। प्रति हेक्टेयर धान पर 512 रुपये, मक्का पर 149 रुपये, बाजरा पर 90 रुपये, गेहूं पर 335 रुपये, अरहर पर 88 रुपये, चना पर 139 रुपये, मटर पर 103 रुपये, मसूल पर 411 रुपये, तोरिया पर 300 रुपये, राई / सरसों पर 1146 रुपये, मैंथा पर 1158 रुपये, गन्ना पर 412 रुपये, आलू पर 244 रुपये, लहसुन पर 153 रुपये, प्याज पर 113 रुपये, आम पर 476 रुपये और अमरूद पर 633 रुपये एवं ज्वार, उड़द और मूंग दाल की फसलों पर 134 - 134 रुपये ज्यादा लोन मिल सकेंगे। बैठक की अध्यक्षता परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र ने की और बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक ओपी गुप्ता, बैंक आफ बड़ौदा के क्षेत्रीय महाप्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा, एसबीआई की क्षेत्रीय महाप्रबंधक गीता त्रिपाठी, एलडीएम मधुर मोहन श्रीवास्तव, नाबार्ड के जिला प्रबंधक आलोक गुप्ता, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक एके गुप्ता आदि मौजूद थे।
इस वर्ष 469 करोड़ रुपये ज्यादा लोन बंटेंगे
बरेली (ब्यूरो)। बैंकर्स समिति द्वारा इस वर्ष जिले में सालाना लोन वितरण लक्ष्य 469.39 बढ़ाकर कुल 3553 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कृषि मद में 2537 करोड़ रुपये और अकेले 2022 करोड़ रुपये फसली ऋण बांटने का लक्ष्य तय हुआ है। अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में गत वर्ष 148.07 फीसदी ज्यादा लोन बंटे लेकिन इस वर्ष इस मद में 330 करोड़ रुपये ही लोन देना तय हुआ है जबकि गत वर्ष यह 429 करोड़ रुपये था।