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बहेड़ी चीनी के अफसरों पर एफआईआर के निर्देश

Thu, 12 Mar 2015 01:54 AM IST
बरेली
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गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा बैठक में बहेड़ी चीनी मिल की कारस्तानी खुलकर सामने आई तो डीएम के तेवर सख्त हो गए। मिल ने इस वर्ष की चीनी बेचकर गत वर्ष का बकाया भुगतान तो कर दिया, लेकिन कोजनरेशन में प्राप्त आठ करोड़ रुपये और डिस्टलरी से प्राप्त राशि से किसानों का इस वर्ष का भुगतान नहीं किया। मिल में गत वर्ष की चीनी पड़ी है, लेकिन उसे बेचा नहीं गया है। यह तथ्य पुष्ट होते ही डीएम गौरव दयाल ने इस मिल के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराते हुए विधिक कार्रवाई का निर्देश दे दिया।
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उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी शैलेश मौर्य को बहेड़ी चीनी मिल में उपलब्ध चीनी सील करने व उसे बेचकर किसानों का इस वर्ष का बकाया भुगतान कराने का आदेश दिया है। कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में डीएम ने सभी मिलों के अध्यासियों को निर्देश दिया कि चीनी बिक्री, कोजनरेशन और डिस्टलरी से प्राप्त धनराशि से पहले किसानों का बकाया चुकता करें और भुगतान पूरा होने पर ही बैंक और अन्य खर्च का भुगतान करें। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने कमीशन भुगतान करने को कहा ताकि गन्ना समितियों के भुगतान होते रहें। कुछ मिलों ने शीरा उठान न होने और कोजनरेशन का पैसा न मिलने की समस्या रखी तो उस पर उच्चस्तरीय वार्ता कर समाधान का भरोसा दिया। समीक्षा में पाया गया कि अब तक जिले में गन्ना मूल्य के 265 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। बैठक में फरीदपुर चीनी मिल के उपाध्यक्ष आरके गुप्ता, मीरगंज मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एके दीक्षित, नवाबगंज मिल के जीएम एसपी ओझा, बहेड़ी मिल के एसके त्यागी और सेमीखेड़ा चीनी मिल के जीएम प्रबुद्ध चौबे मौजूद रहे।
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