फसल बर्बादी के कारण बरेली मंडल में किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीते चौबीस घंटे में बरेली जिले में सात किसानों की सदमे से मौत हो गई, जबकि शाहजहांपुर में एक किसान ने कीटनाशक पीकर अपनी जान दे दी। पीलीभीत में चार और बदायूं में भी एक किसान की सदमे से मौत हुई। मुरादाबाद मंडल में सात किसानों ने सदमे से दम तोड़ा तो सूबे के अन्य मंडलों में 32 किसानों की पिछले 24 घंटे में मौत हुई।
बरेली की आंवला तहसील के खैलमदेह जागीर गांव में 50 वर्षीय चंद्रप्रकाश, बरसेर के 55 वर्षीय लोचन सिंह और शहबाजपुर गांव (सिरौली) के 55 वर्षीय अफसर बेग की सदमे से मौत होने की जानकारी मिली है। बहेड़ी तहसील के गांव नदेली के 55 वर्षीय बल्देव, सिलीजागीर के 45 वर्षीय अनीस उद्दीन और पिपलिया गांव के 60 वर्षीय मोहन लाल की मौत भी सदमे से हुई है। नवाबगंज तहसील के गांव ग्रेम के 36 साल के महेंद्र की भी सदमे से मौत हो गई।
शाहजहांपुर के थाना कांट क्षेत्र के दिलावारपुर निवासी सियाराम राठौर ने मंगलवार रात जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। सियाराम के पास आठ बीघा जमीन थी। चार बीघा जमीन उसने बटाई पर ले रखी थी। मंगलवार को खेत में गेंहू की कटाई करते समय सियाराम ने हाथ में गेंहू की बाली मली तो उसमें गेंहू के दाने न के बराबर निकले। निराश होकर सियाराम अपने घर चले आए। रात में उन्होंने कीटनाशक पी लिया। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। अगले महीने सियाराम के बेटे की शादी होने वाली थी। सियाराम ने बैंकों और सूदखोरों से कर्ज ले रखा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उधर, पीलीभीत के गांव मुड़िया बिलहरा में 55 वर्षीय तौकीर अहमद, गांव मुड़सैना निवासी 65 वर्षीय इस्माइल, गांव हिम्मतनगर उर्फ चिरैंदापुर निवासी 65 वर्षीय दयाराम और गांव उगनपुर निवासी 60 वर्षीय इरशाद की भी सदमे से मौत हो गई। हालांकि डीएम ओएन सिंह का कहना है कि जिले में अभी तक किसी भी किसान की मौत फसल की बर्बादी की वजह से नहीं हुई है। बदायूं के गांव आजमगंज गड़िया (कुंवरगांव) निवासी 58 वर्षीय छेदालाल की बेमौसम बारिश के कारण पड़े हार्टअटैक से मौत हो गई।