नवाबगंज तहसील क्षेत्र के गांव केलाडांडी में रविवार को अपने घर पर फंदे पर लटकते मिले 38 वर्षीय किसान सियाराम प्रजापति का शव सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के लिए बरेली लाया गया। इसी दौरान परिवारजनों ने कहा कि सियाराम ने फसलों के नुकसान के सदमे में खुदकुशी नहीं की बल्कि जमीन के विवाद में विरोधियों ने ग्राम प्रधान के साथ मिलकर उसकी हत्या की है। यह सूचना मिली तो डीएम गौरव दयाल तुरंत पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने सियाराम के परिवारजनों से बात की तो उन्होंने वही आरोप दुहरा दिए। इसके बाद डीएम ने तत्काल मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। अधिकृत तौर पर अभी मौत की वजह पुष्ट नहीं हुई है लेकिन पूरे मामले पर प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए है।
पिछले दिनों ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान को लेकर किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। केंद्रीय टीम और राज्य सरकार की टीमें यहां जमीनी सच्चाई देख गई हैं और राहत राशि भी बढ़ाई गई है। लेकिन नुकसान के सदमे में किसानों की मौत का सिलसिला जारी है। इसे जिला प्रशासन गत दिनों स्वीकार भी चुका है कि 23 मौतों में से तीन मामले खुदकुशी के हैं। उसी क्रम में नवाबगंज तहसील के इस मामले में किसान सियाराम की मौत की सूचना मिलने पर प्रशासन ने वजह तस्दीक करनी चाही। नवाबगंज तहसीलदार हाईकोर्ट में एक प्रकरण में पेशी के लिए होने पर एडीएम वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार ने सदर तहसीलदार खालिद अंजुम खान को पोस्टमार्टम हाउस पर परिवारवालों से पूछताछ करने भेजा। वहां मृतक के भतीजे अरविंद कुमार, भाई दरबारी लाल और रिश्तेदार मुरारी लाल प्रजापति ने बताया कि गांव में एक ही समुदाय के दो बिरादरी के बीच जमीनी विवाद है। सियाराम का भी विवाद चल रहा था। गत शनिवार को उसने इस बाबत क्योलड़िया थाने में तहरीर भी दी थी और प्रधान से भी शिकायत की थी। परिवारवालों का आरोप है कि विरोधियों ने सियाराम को मार डाला और परिवारवालों पर प्रधान के साथ मिलकर इस मौत को खुदकुशी के रूप में बताने को कहा ताकि किसानों की मौतों के सिलसिले के बीच इस हत्या का मामला दबा रह जाए।
जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि परिजनों के अनुरोध पर पोस्टमार्टम करा दिया है। यदि वह तहरीर देंगे तो उसके आधार पर एफआईआर दर्ज कराकर जांच कराई जाएगी। दूसरी ओर थाना प्रभारी गौरव सिह यादव ने बताया कि देर रात तक इस मामले में तहरीर नहीं मिली है।