बरेली के बिशारतगंज इलाके के बहेटा बुजुर्ग गांव में 75 वर्षीय पूर्व प्रधान बद्री प्रसाद यादव शुक्रवार को खेत पर गए थे। फसल की हालत देखने के बाद वहां से लौटे तो कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। इसी इलाके के गांव सिसौना गांव में 60 साल के छोटा भी बर्बाद फसल का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और हार्ट अटैक से मौत हो गई। फरीदपुर तहसील के खल्लापुर गांव में 38 वर्षीय श्यामवीर की भी सदमे से मौत हो गई।
शाहजहांपुर में रोजा क्षेत्र में सिमरई निवासी 45 वर्षीय किसान चंद्रपाल बर्दाश्त नहीं कर सके। शुक्रवार दोपहर हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। चंद्रपाल पर 92 हजार रुपये का बैंक कर्ज था और 16 अप्रैल को उनके बेटे रमेश का विवाह होने वाला था। लखीमपुर खीरी के महेशपुर गांव के 65 वर्षीय छंगालाल की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। उन पर बेटी की शादी का 40 हजार रुपए भी कर्ज था। पीलीभीत के गांव बेहटी के 40 वर्षीय किसान प्रेमपाल की गुरुवार रात सदमे से मौत हो गई। बिहारीपुर गांव निवासी 60 वर्षीय मुरली मौर्या खेत में कम पैदावार देखकर सदमे में आ गए। उपचार के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी भी मौत हो गई।