मीरगंज। रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने वाले गिरोह के सरगना को शाही पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, पांच जालसाज अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
थाना शाही क्षेत्र के गांव मड़वा बंशीपुर निवासी बीए पास विनोद कुमार ने बताया कि वह बेरोजगार हैं। उसकी थाना कैमरी के गांव सुनारखेड़ा निवासी सूर्य प्रकाश गंगवार से जान पहचान थी। अप्रैल 2019 में सूर्य प्रकाश गंगवार, उसका भाई योगेन्द्र गंगवार, सूर्य प्रकाश की पत्नी सुधा गंगवार एवं उसके पिता रमेश गंगवार कार से उसके घर आए और रेलवे में ग्रेड सी की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। फिर, अगस्त 2019 को ढाई-ढाई लाख रुपये का चेक देकर भरोसे में लिया। इसके बाद युवक ने अपने शैक्षिक प्रमाणपत्र के साथ पांच लाख रुपये दे दिए। शेष रह गए तीन लाख रुपये नियुक्ति पत्र मिलने के बाद देने को कहा।
30 सितंबर 2020 को फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर आरोपियों ने शेष रह गए तीन लाख रुपये भी पीड़ित से ले लिए और भुवनेश्वर में नियुक्ति की बात कही। इसके बाद युवक वहां डीआरएम ऑफिस पहुंचा और नियुक्ति पत्र दिखाने पर उसे जालसाजी का एहसास हुआ।
उसने सूर्य प्रकाश गंगवार को फोन लगाया तो उसका नंबर बंद मिला। उसके द्वारा दिए गए चेकों को बैंक में लगाया तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित थाने पहुंचा तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। फिर, याचिका दाखिल की तो कोर्ट के आदेश पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। संवाद
आरोपियों पर दर्ज हैं कई मुकदमे
थानाध्यक्ष शाही अमित कुमार बालियान ने बताया कि आरोपियों पर मीरगंज में दो, प्रेमनगर बरेली में एक और शाही में एक मुकदमा पहले से पंजीकृत है। मंगलवार की सुबह आरोपी सूर्य प्रकाश गंगवार मिर्जापुर चौराहे पर पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। संवाद