खुर्रम गौटिया से सटी 883 एटी बटालियन की सुरक्षा दीवार बनाने को लेकर विरोध होने के बावजूद सेना ने साफ कर दिया है कि वह रास्ता नहीं छोड़ेगी। इससे नगर निगम और सेना के बीच रास्ता छोड़ने को लेकर विवाद गहराने के आसार बन गए हैं।
नगर निगम की ओर से सेना को पत्र लिखा गया है कि महायोजना के मुताबिक सेना को खुर्रम गौटिया में 30 मीटर रास्ता छोड़कर सुरक्षा दीवार बनानी चाहिए लेकिन पत्र मिलने के बाद एडम कमांडेंट ने कहा है कि यह जमीन ए-वन डिफेंस लैंड है इसलिए इसका कोई लेनदेन नहीं हो सकता। एडम कमांडेंट कर्नल एवी पांड्या ने पत्रकारों से कहा कि जिसको रास्ता बताया जा रहा है, वह जमीन भी सेना की ही है। उस पर सेना के पोल लगे हैं इसीलिए दीवार का निर्माण जल्द शुरू करा देंगे क्योंकि यह सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उसको कोई रोक नहीं सकता। हालांकि उन्होंने कहा कि नगर निगम के अफसरों को सेना की ओर से पत्र लिख रहे हैं कि वह जून के अंतिम सप्ताह में हमारे साथ बैठकर इस मसले पर वार्ता कर लें। अगर निगम प्रमाणों के साथ अपना तर्क साबित कर देता है तभी सेना रास्ता छोड़ने पर विचार करेगी। उस पर भी शर्त यह होगी कि दीवार के पीछे अतिक्रमण न होने पाए। वहीं, दीवार बनाने से पहले 30 मीटर रास्ता छोड़ने पर अड़े क्षेत्रीय पार्षद राजेश अग्रवाल का कहना है कि महायोजना में निर्धारित चौड़ी सड़क छोड़ने की बाध्यता है और इसके लिए जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे। उन्होंने कहा कि खुर्रम गौटिया का रास्ता आम लोगों के लिए है, अगर सेना इसे छोड़कर दीवार नहीं बनवाएगी तो रोड संकरी हो जाएगी।