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भाजपा नेता ने इंस्पेक्टर को पुलिस लाइन से फरीदपुर में तैनात कराया

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बरेली। बहेड़ी अवैध खनन निकासी में रंगदारी मांगने समेत विभिन्न धाराओं में भाजपा के पांच नामजद और 15 अज्ञात नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को बड़ी फजीहत के बाद पुलिस ने बहेड़ी से तो हटा दिया, लेकिन पुलिस लाइन में बुलाने के तीन दिन के अंदर उनको फरीदपुर कोतवाली का चार्ज देकर पुरस्कृत भी कर दिया गया। इंस्पेक्टर की तैनाती के पीछे बदायूं के एक भाजपा नेता के अलावा नेताओं को नीचा दिखाने के चलते पुलिस के आला अफसरों की भी मेहरबानी रही। बहेड़ी में अब तक किसी नए इंस्पेक्टर की तैनाती नहीं की गई।
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बदायूं के एक नेताजी के खास ठेकेदार को बहेड़ी में खनन निकासी का पट्टा मिल गया। पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद भी ठेकेदार खनन निकासी करता रहा। न पुलिस ने उसे पकड़ने की जरूरत समझी, न ही प्रशासन ने। उधर, हरियाणा के एक ठेकेदार को किच्छा नदी से खनन निकासी के लिए पहले ही बुलाकर बड़े पैमाने पर खनन निकासी का कारोबार जोरों से चल रहा था। उसमें भी स्थानीय भाजपा नेता शामिल थे। स्थानीय नेताओं ने बाहरी ठेकेदार को बर्दाश्त नहीं किया। पट्टेदार की थाने में शिकायत की गई। दोनों ओर से तहरीर देने पर इंस्पेक्टर ने पट्टे के ठेकेदार को प्राथमिकता दी और उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। भाजपा विधायक समेत कई पार्टी नेता दरकिनार कर दिए गए। अवैध खनन निकासी रोकने के नाम पर इंस्पेक्टर धनंजय सिंह का भाजपा विधायक से लंबा विवाद चला। तब इंस्पेक्टर को हटवाने के लिए विधायक भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ डीआईजी समेत बड़े अफसरों से भी मिले थे। पुलिस के आला अफसरों ने उस समय इंस्पेक्टर को नहीं हटाया। इससे उत्साहित इंस्पेक्टर ने खनन पट्टेदार की तहरीर पर भाजपा नेता मोहन सिंह समेत पांच नामजद और 15 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कर ली। इतना ही नहीं, ठीक ईद के दिन नमाज अदा होने के बाद इंस्पेक्टर ने पुलिस बल के साथ छापा मारकर अवैध खनन करने वाली पोकलैंड मशीनें लाकर थाने खड़ी कर लीं।
इन विवादों से चर्चा में आए इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को अब हटे कि तब हटे की तर्ज पर भाजपा का अघोषित आंदोलन चला। सीओ ने दोनों पक्षों में समझौता भी कराने की कोशिश की, लेकिन प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक की नाराजगी के बाद हरकत में आए अफसरों ने इंस्पेक्टर को बहेड़ी से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया। राजनीतिक हलचल तेज हुई। दिग्गजों को लगा कि चलो इंस्पेक्टर को कुछ तो सजा मिली। बताया जाता है कि इंस्पेक्टर के पक्ष में बदायूं के भाजपा नेता ने सिफारिश की। इस वजह से पुलिस लाइन में मात्र तीन दिन रहने के बाद उनको फरीदपुर का चार्ज दे दिया गया। अब इंस्पेक्टर धनंजय सिंह फरीदपुर कोतवाली का चार्ज देखेंगे। यहां खनन उस मात्रा में नहीं हो रहा, जिस तर्ज पर बहेड़ी में हो रहा था।
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