बरेली। बनारसी, सिल्क, खादी, रेशमी साड़ियों, शॉल, कपड़ों की खरीदारी करनी है तो भागदौड़ की जरूरत नहीं। बरेली के खादी महोत्सव में इनके स्टाल सजे हैं। 10 राज्यों के खादी उत्पाद महोत्सव में उपलब्ध हैं। उनकी मांग भी खूब हो रही है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अजय पाल के मुताबिक बरेली खादी महोत्सव 30 दिसंबर तक बिशप मंडल इंटर कॉलेज मैदान में जारी रहेगा। यहां लगे विभिन्न स्टाल पर कश्मीरी शॉल, शहद, जरी-जरदोजी, दरी-कालीन, पर्दे, माटीकला उत्पाद, खिलौने, मूर्तियां, जड़ी-बूटी, रेडीमेड गारमेंट्स, फर्नीचर, स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद, ऊनी कपड़े आदि उपलब्ध हैं। लोग इनकी खरीदारी कर रहे हैं। फिलहाल मौसम के मिजाज को देखते हुए गर्म कपड़ों व जड़ी-बूटियों की मांग ज्यादा है।
बिहार के खादी की मांग ज्यादा
रविवार को खादी महोत्सव में जम्मू कश्मीर, बिहार से आए स्टॉल पर लोग खरीदारी के लिए पहुंचते रहे। जम्मू से आए रियाज ने बताया कि पशमीना शॉल की मांग ज्यादा है। साथ ही, सूट के गर्म कपड़े की मांग है। बिहार से खादी उत्पाद लेकर पहुंचे शनि कुमार ने बताया कि उनके पास सूती व रेशमी साड़ी, शॉल मौजूद हैं। बुद्धा सूट, 52 बूटे वाली सिल्क साड़ी, मधुबनी डिजाइन की साड़ियां लोगों को भा रही हैं।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
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महोत्सव के दौरान रविवार को सांस्कृतिक आयोजन हुए। मुख्य अतिथि जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त अर्चना पालीवाल रहीं। बरेली काॅलेज के विद्यार्थियों ने समूह नृत्य और एकल नृत्य प्रस्तुत किया। साहू गोपीनाथ इंटर काॅलेज की छात्राओं ने एसिड अटैक, केपीआरसी कन्या इंटर काॅलेज की छात्राओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ शीर्षक पर नाटक प्रस्तुत किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।