बहेड़ी में केसर चीनी मिल की जमीन की दोबारा नीलामी होगी। एक व्यक्ति ने धरोहर राशि जमा की है। मिल पर किसानों का 147 करोड़ रुपये बकाया है। पिछली नीलामी 28.05 करोड़ रुपये में हुई थी, जिस पर कम कीमत के आरोप लगे थे।
बरेली के बहेड़ी तहसील क्षेत्र के मुड़िया मुकर्रमपुर में हाईवे किनारे स्थित में केसर चीनी मिल की भूमि की नीलामी के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। एक व्यक्ति ने शुक्रवार को तहसील में पहुंचकर धरोहर राशि जमा कर दी। तहसील प्रशासन ने उसे स्वीकार भी कर लिया। अब जमीन की दोबारा नीलामी होगी। तहसील प्रशासन का दावा है कि नीलामी से मिलने वाली धनराशि से किसानों का भुगतान करेंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन किसान हित में अधिक से अधिक बोली प्राप्त करने की कोशिश में जुटा है।
विज्ञापन
केसर चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का करीब 147 करोड़ रुपये बकाया है। इसी पर तहसील प्रशासन ने 31 मई को मिल की जमीन को नीलाम किया था। गाटा संख्या 402 (11.446 हेक्टेयर) की सरकारी कीमत लगभग 27 करोड़ रुपये आंकी गई थी। पांच निवेशकों ने जोर आजमाइश की परआदेश पांडेय ने सर्वाधिक 28.05 करोड़ रुपये की बोली लगाने के साथ ही 37 फीसदी जमानत राशि (करीब सात करोड़ रुपये) चेक से जमा किए। अफसरों ने पूरा राशि जमा करने पर भूमि हस्तांतरण करने की बात कही थी।
आरोप: आधी से कम कीमत में की गई नीलामी
नीलामी प्रक्रिया के बाद क्षेत्रवासियों में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जमीन की नीलामी से प्राप्त धनराशि को आधे से भी कम बताया। विनोद चौधरी ने पोस्ट में लिखा कि जमीन की कीमत करीब 70 करोड़ रुपये है, लेकिन 28 करोड़ में नीलाम कर दी गई। इससे किसानों का पूरा बकाया भुगतान नहीं हो पाएगा। मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद नीलामी का मामला इलाके में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।