सीएए एनआरसी एनपीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
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सरकार लगातार दावा कर रही है कि एनआरसी और सीएए से किसी देशवासी की नागरिकता को कोई खतरा नहीं है, बावजूद इसके असामाजिक तत्व तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर भ्रम फैलाने और लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। रविवार को अचानक इस तरह के कई संदेश वायरल होने लगे, जिससे हड़कंप मचा हुआ है। ऑडियो मेसेज ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के व्हाट्सएप ग्रुपों में ही वायरल हो रहे हैं।
व्हाट्सएप और फेसबुक समेत सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से नागरिकता कानून के विरोध में संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। महिला और पुरुष की आवाज वाले इन संदेशों में कहा जा रहा है कि भाजपा के लोग दो से पांच बजे के बीच कॉल करके लोगों को एनआरसी का समर्थन करने के लिए जोड़ रहे हैं। कॉल रिसीव करते ही आपका सीएए और एनआरसी के लिए समर्थन दर्ज हो जाएगा।
लिहाजा इस अवधि में मोबाइल बंद रखें या फिर कोई भी अनजान कॉल रिसीव न करें। एक अन्य संदेश में कहा जा रहा है कि एक दो दिन के लिए आपका मोबाइल बंद हो सकता है। ऐसे में परेशान मत होना। आपके पास मेसेज आ सकता है कि इस लिंक पर क्लिक कर लें। आपने मोबाइल ओपन करने के चक्कर में लिंक पर क्लिक किया तो समझो मोदी की बात मान ली है। एक मेसेज में तो बोलने वाले को एनआरसी और एनसीआर का भी फर्क नहीं पता है। वह कह रहा है कि मोबाइल बंद रखना वर्ना एनसीआर से बाहर हो जाओगे।
इस तरह के भ्रामक संदेश वायरल होने की जानकारी नहीं है। साइबर सेल के जरिये पता लगाने की कोशिश करेंगे कि ये कहां से वायरल हो रहे हैं। सीएए से देश के किसी नागरिक को किसी तरह का खतरा नहीं है, यह बात पुलिस प्रशासन के लोग भी गली-गली जाकर समझा रहे हैं। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
सोशल मीडिया में इस तरह का कोई मेसेज अगर वायरल हो रहा है तो इसकी मॉनिटरिंग होगी। मैं इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात करके अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहूंगा। ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा। - नितीश कुमार, जिलाधिकारी