बरेली। साइबर अपराध सामान्य अपराध से अलग है। इसमें अपराधी नहीं दिखता, यह भी पता नहीं पता चलता कि वह किस देश में है। ऐसे में इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय अधिक जरूरी होता है सतर्क रहना।
खुद को साइबर हाइजिन रखें। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बात न करें, प्रोफाइल निजी रखने जैसी सावधानियां बरतें। ये बातें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एएसपी मेविस टॉक (आईपीएस) ने कहीं।
कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में लोग इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिक लोगों तक पहुंच बनाने के लिए लोग अपने अकाउंट को सार्वजनिक कर देते हैं। इससे ऐसे लोग भी जुड़े सकते हैं जो फोटो, वीडियो आदि डाटा का दुरुपयोग कर सकते हैं। इसलिए अकाउंट को निजी रखें।
डिजिटल दुनिया में जो भी देखें और सुनें, उस पर आंख बंदकर विश्वास न करें। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए अपने प्रशिक्षण के दिनों के अनुभव साझा किए। कहा कि जीवन में जो भी करें, योजना बनाएं। उसके लिए कठिन परिश्रम भी करें।
फोन में लगाएं टू स्टेप वेरिफिकेशन
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ शालू रानी ने कहा कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जिससे इंटरनेट कनेक्ट हो सकता है, उसके माध्यम से साइबर अपराध हो सकता है। ऐसे में फोन में टू स्टेप वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करें। इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं होने पर उसे बंद कर दें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लिए फोटो से छेड़खानी कर लोग साइबर अपराध करते हैं।
वाहनों पर लगाएं रिफ्लेक्टर टेप
टीएसआई देवेश कुमार शर्मा ने कहा कि कोहरा होने लगा है। ऐसे में छात्राएं व शिक्षक अपने वाहनों में रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगाकर विद्यालय आएं। साथ ही हेलमेट व सीट बेल्ट लगाने व यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया। यातायात से जुड़ी समस्या होने पर 9760160112 पर व्हॉट्सएप संदेश से सूचना दें। महिला थाना की एसआई पुष्पांजलि ने महिला हेल्पलाइन के प्रति छात्राओं को जागरूक किया। कार्यक्रम संयोजक प्रधानाचार्य डॉ. गुड्डी पाल रहीं। संचालन हुमा रजी खान ने किया। इस दौरान डॉ. शशि प्रभा, कामाक्षी शर्मा, डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. प्रतिभा सिंह आदि उपस्थित रहीं।
छात्राओं ने पूछे सवाल
साइबर अपराध होने पर क्या करें?- संजना, कक्ष-10
साइबर अपराध होने पर पुलिस की मदद लें। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।- एएसपी
क्या सावधानी बरतें, जिससे आर्थिक नुकसान नहीं हो?- प्राची, कक्षा-12
खुद को डिजिटल रूप से अपडेट रखने के साथ सावधानियां अपनाकर बचा जा सकता है।- एसआई शालू रानी
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