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एआई को गुड सर्वेंट बनाकर रखें, न बनने दें मास्टर: उपाध्याय

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हर एक का होता है सकारात्मक के साथ नकारात्मक परिणाम
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बरेली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कुछ दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं, लेकिन हर एक का सकारात्मक परिणाम भी होता है और नकारात्मक परिणाम भी। शिक्षा वह क्षेत्र है जहां बच्चे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को गुड सर्वेंट बनाकर रखें। उसका अपना मास्टर न बनने दें। यह बातें बृहस्पतिवार को फ्यूचर विश्वविद्यालय में आयोजित एडू एआई समिट 2025 का उद्घाटन करने आए उच्च शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहीं।
उन्होंने एआई संचालित शिक्षा में फ्यूचर यूनिवर्सिटी की भूमिका को सराहा और भविष्य के कार्यबल के निर्माण में तकनीकी नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। इससे विकसित भारत की नींव रखी जा रही। न्यू एजूकेशन पाॅलिसी के आधार पर फ्यूचर विश्वविद्यालय की इस पहल से संस्कार, रोजगार और तकनीक को जोड़ा जा रहा है। कुलाधिपति मुकेश गुप्ता ने कहा कि हम केवल शिक्षा नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व को आकार दे रहे हैं। हमारी शिक्षण प्रक्रिया में एआई का समावेश उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित कर रहा है।
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प्रो. वाइस चांसलर प्रो. डाॅ. पंकज मिश्रा ने कहा कि पाठ्यक्रम प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाता है। समूह निदेशक प्रो. हेमंत यादव ने कहा कि अकादमिक शिक्षा और वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों को जोड़ने में यहां अहम भूमिका निभाई जाती है। मनीष शर्मा, क्षितिज सिंह, हर्ष श्रीवास्तव ने फ्यूचर विश्वविद्यालय के साथ हुए अनुबंध से छात्रों को होने वाले फायदे और भविष्य के बारे में जानकारी दी। इस दौरान सांसद छत्रपाल गंगवार, विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल, विधायक एमपी आर्य, विधायक डाॅ. डीसी वर्मा, विधायक वीर विक्रम सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी जयपाल सिंह, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह आदि थे। संवाद
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