बरेली। सावन के दूसरे सोमवार पर नाथ मंदिरों में जलाभिषेक के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार और कछला रवाना हुए। बम-बम भोले के जयघोष और भजनों की धुन पर झूमते नाचते कांवड़िये बरबस ही आकर्षण का केंद्र रहे। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुआ कांवड़ियों की रवानगी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। कांवड़ियों को शहर से सुरक्षित कछला रवाना कराने के लिए पुलिस भी मुस्तैद रही।
सावन के दूसरे सोमवार पर नाथ नगरी में जलाभिषेक के लिए शुक्रवार को कांवड़ियों के कई जत्थे शहर के कई इलाकों से रवाना हुए, ये जत्थे हरिद्वार और कछला से गंगाजल लाकर नाथ नगरी के सातों नाथों पर जलाभिषेक करेंगे। जत्थों की रवानगी के लिए शुक्रवार की सुबह दस बजे से तैयारियां शुरू हो गई थीं। इसके पहले कांवड़ियों के परिजनों ने आरती उतारी और तिलक लगाकर उन्हें रवाना किया। इसमें सुभाषनगर, कैंट, जोगीनवादा, राजेंद्र नगर, नवाबगंज, नकटिया, क्यारा, करगैना से 36 कांवड़ियों का जत्था कछला रवाना हुआ है। इससे पहले सभी जत्थे अपने नजदीकी सिद्ध पीठ से ईष्ट की आराधना करने पहुंचे।