बरेली। सड़कों के गड्ढे जिला शांति समिति के लिए भी तनाव की वजह बने हुए हैं। शुक्रवार को पुलिस लाइन में जिला शांति समिति की बैठक में कई सदस्यों ने अफसरों के सामने गड्ढेदार सड़कों पर कांवड़ यात्रा के दौरान हादसे होने की आशंका जताते हुए इसे गंभीरता से लेने को कहा। सदस्यों का कहना था कि अक्सर हादसा होने के बाद ही कांवड़िये उग्र होकर बवाल करते हैं। पिछले साल भी बरेली-बदायूं रोड पर रामगंगा और बिनावर में हादसा होने के बाद जमकर बवाल हुआ था।
पुलिस लाइन सभागार में शुक्रवार को डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह और एसएसपी मुनिराज जी की अध्यक्षता में हुई जिला शांति समिति की बैठक में अफसरों ने जिले भर से आए लोगों से कांवड़ यात्रा को लेकर समस्याओं के बारे में पूछा। इस पर लोगों ने सबसे बड़ी समस्या सड़कों के गड्ढों को ही बताया। उनका कहना था कि किला थाना क्षेत्र में सिटी श्मशान भूमि से सिटी सब्जी मंडी के बीच सड़क पर काफी गहरे गड्ढे हैं। सुभाषनगर पुलिया के पास भी सड़क पर गड्ढों के साथ गंदगी पड़ी है। श्यामगंज चौराहे से विकास भवन रोड पर ओवरब्रिज के नीचे सड़क खराब होने के साथ उस पर कीचड़ भी है। इन गड्ढों से कांवड़िये हादसे का शिकार हो सकते हैं। लिहाजा इन गड्ढों को भरने पर पूरा फोकस होना चाहिए। शांति समिति के सदस्यों इसके सात शेरगढ़ में गंदगी और सीबीगंज में बारिश होेने से कांवड़ियों के रास्ते में पानी भरने की समस्या भी उठाई। कुछ लोगों ने कांवड़ यात्रा के दौरान मीट और बिरयानी की दुकान बंद रखने की मांग की।
चंद मिनटों में पैदा होती है समस्या
बैठक में पार्षद मुन्ना सज्जाद ने कहा कि इस शहर ने दंगों का दंश भी झेला है। इसका पहले से कोई आभास भी नहीं होता। चंद मिनट में समस्या पैदा हुई और फिर बवाल हो गया। उन्होंने कहा कि अभी सब कुछ ठीक है। मगर समस्या पैदा होने पर उसे हल कैसे किया जाए इस पर ध्यान दिया जाए।
वाइरस अभी खत्म नहीं हुआ
बैठक में एक वक्ता ने कहा कि पिछले साल बिथरी चैनपुर में दंगा कराने की कोशिश की गई थी, लेकिन प्रशासन और पुलिस की सख्ती से बच गया। पिछले साल पैदा हुआ वाइरस अभी मरा नहीं है। इसलिए सबको मिलकर एंटी वाइरस की तरह काम करना है। दरअसल उनका इशारा पिछले साल कांवड़यात्रा और मोहर्रम क जुलूस के दौरान हंगामा करने वाले भाजपा नेताओं की ओर था।
कोई असलहे लहराए तो हवालात का रास्ता दिखाएं
बरेली। एसएसपी मुनिराज जी. ने कहा कि कावंड़यात्रा के दौरान असलहों का प्रदर्शन न किया जाए। जुलूस प्रभारी यह पहले से सुनिश्चित कर लें। उन्होंने थानेदारों को असलहा प्रदर्शन करने वालों पर नजर रखने का निर्देश दिया। आदेश का पालन न होने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
एसएसपी ने कहा कि कांवड़यात्रा के दौरान समस्या आने पर सोशल मीडिया पर मेसेज डालने के बजाय पुलिस को सूचना दें। अफवाहों से बचें। कहीं हादसा होने पर कांवड़िये बवाल करने के बजाय पुलिस की मदद लें। एसएसपी ने कहा कि कांवड़ियों के डीजे पर कोई अश्लील गाना न बजे। थाना प्रभारी भी इसका ध्यान रखें। कांवड़ यात्रा के रास्ते पहले से तय हैं इसलिए कांवड़िये परंपरागत रास्ते से ही निकलें। नए रास्ते पर जाने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि सावन का आखिरी सोमवार और बकरीद एक ही दिन है। कोई खुले में कुर्बानी न करे और पशुओं के अवशेष इधर-उधर न फेंके। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के समय के बारे में जिम्मेदार लोगों से बातचीत की जाएगी। डीएम वीरेंद्र कुमार ने समस्याएं दूर करने के साथ कांवड़ यात्रा और बकरीद पर शांति व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की।