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Bareilly News: करनपुर गांव को दुजोड़ा नदी के कटान से मिलेगी स्थायी राहत

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करनपुर में गांव के कटान को बचाने के लिए लगाई गई पिचिंग
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मीरगंज। बाढ़ और नदी के कटान से लगातार जूझ रहे करनपुर गांव के लोगों को दुजोड़ा नदी के कटान से स्थायी राहत मिलेगी। अब तक कई वर्षों में आए बाढ़ से 300-400 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है, लेकिन इस कदम से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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हर साल बरसात के मौसम में दुजोड़ा नदी की तेज धार गांव की जमीन को काटकर खेतों को अपनी चपेट में लेती रही है। पिछले साल बाढ़ में गांव के कई घर कट गए थे, जिसका बरेली सांसद और मीरगंज ने निरीक्षण किया। गांव को बचाने के लिए शासन स्तर पर पैरवी की थी। ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए शासन ने नाबार्ड की वित्तीय सहायता से विशेष सुरक्षा परियोजना स्वीकृत की थी, जिस पर अब तेजी से काम चल रहा है।इस परियोजना पर कुल तीन करोड़ 94 लाख रुपये की लागत आ रही है।
482 मीटर लंबाई में कटान निरोधक कार्य
बाढ़ खंड के अवर अभियंता (जेई) पंकज कुमार के मुताबिक, योजना के तहत नदी किनारे कुल 482 मीटर लंबाई में कटान निरोधक कार्य किया गया है। इस क्षेत्र में जियो बैग लगाकर पिचिंग की गई है, जिससे पानी के तेज बहाव को रोका जा सके। इसके अलावा सुरक्षा के लिए तीन मजबूत स्टड बनाए गए हैं, जो पानी के दबाव को मोड़कर कटान से बचाते हैं। इतना ही नहीं, नदी की तलहटी में लाईचिंग अप्रन भी तैयार किया गया है। लाईचिंग अप्रन पानी के तल स्तर पर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिससे नदी की धार भूमि को अंदर से काट नहीं पाती और तटबंध को मजबूती मिलती है। संवाद
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खेती-किसानी पटरी पर लौटेगी

ग्रामीणों ने बताया कि पहले हर साल कई बीघा उपजाऊ भूमि नदी में समा जाती थी, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता था। कई बार तो मकान तक कटान की जद में आ जाते थे। अब इस परियोजना के पूरा होते ही गांव की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी और खेती-किसानी फिर से पटरी पर आ सकेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस परियोजना को गांव के लिए जीवनदान करार दिया है। ग्रामीणों ने विभाग से समय-समय पर निगरानी बनाए रखने की भी मांग की है।
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25 जून तक कार्य होगा पूरा

जेई पंकज कुमार ने बताया कि इस योजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 25 जून तक यह पूरी तरह से पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद करनपुर गांव को हर साल आने वाली बाढ़ और कटान की विभीषिका से स्थायी राहत मिलेगी।
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