बरेली। इज्जतनगर के गांव करमपुर चौधरी में लॉकडाउन के दौरान पुलिस द्वारा एक युवक को पीटने पर बवाल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने दो सौ से ज्यादा लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। पूर्व प्रधान को रासुका में निरुद्ध किया गया था। इसको लेकर सोमवार को गांव के कुछ लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। जिसमें मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और गोरखपुर के डॉ. कफील की तरह पूर्व प्रधान को भी रिहा करने की मांग की गई है।
अप्रैल महीने में चीता मोबाइल के सिपाहियों ने लॉकडाउन तोड़ने पर करमपुर चौधरी के एक युवक को पीट दिया था। इस पर गांव के तीन-चार सौ लोगों की भीड़ ने बैरियर वन चौकी को घेरकर हमला करने की कोशिश की थी। इस मामले में दो सौ से ज्यादा लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर पूर्व प्रधान तसब्बर खां समेत 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। रासुका लगाए जाने की वजह से तसब्बर खां अब तक जेल में हैं। सोमवार को पूर्व प्रधान तसब्बर की पत्नी एवं मौजूदा प्रधान सुगरा बेगम के साथ गांव के तमाम लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और चीफ जस्टिस को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले में पुलिस पर मनमानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।