सावन में कांवड़ की वजह से हाइवे ब्लॉक हैं। निजी सरकारी सभी वाहन बंद हैं लेकिन एंबुलेंस चल रही हैं। खास बात ये कि मरीजाें को ले जाने वाली एंबुलेंस आजकल सवारियां भी ढो रही हैं। पुलिस इन्हें रास्ता दं देती है और कावंडिए भी किनारे हो जाते हैं। निजी अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि उनके अस्पताल में मरीजों को लाने ले जाने को ठेके पर चलने वाली दो एंबुलेंस है। अस्पताल के एंबुलेंस चालक रमेश ने बताया कि कांवड़ के दौरान उनको कोई नहीं रोकता, इसलिए बाहर जाने वाले अधिक मिलते हैं। सवारी की बात से वह इंकार करते हैं।
कागजों में सिर्फ 109 एंबुलेंस
शहर में करीब एक हजार से अधिक एंबुलेंस घूम रही हैं। जबकि आरटीओ कार्यालय में 109 एंबुलेंस ही शहर में पंजीकृत हैं। जिन अस्पतालों के बाहर छह से आठ एंबुलेंस खड़ी होती हैं उनके नाम पर भी केवल दो से चार एंबुलेंस ही पंजीकृत हैं। आज तक एक भी एंबुलेंस की जांच नहीं हो सकी।