बरेली। सावन शुरू होते ही मीट कारोबारियों का धंधा मंदा हो गया है। कारोबार में 70 से 80 फीसदी तक आई गिरावट से उबरने के लिए मीट कारोबारियों ने ने चिकन और मछली के रेट 50 से 70 रुपये तक घटा दिए हैं। हालांकि इसका भी कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है। रोजाना लाखों का करोबार कुछ हजार रुपये तक सिमटने से मीट कारोबारी खासे निराश हैं।
किला के बाजार संदल खां के होलसेल मछली कारोबारी के मुताबिक अबकी जैसी मंदी पिछले सालों में कभी नहीं रही। सावन में पिछले सालों में अधिकतम 50 फीसदी धंधा प्रभावित होता था, लेकिन अबकी बार 70 से 80 फीसदी तक गिरावट है। दिन भर में दुकान पर 10 से 12 ग्राहक ही पहुंच रहे हैं। दाम कम करने से भी कोई फायदा नहीं हुआ। चिकन कारोबारियों के मुताबिक चिकन के दाम में प्रति किलो सौ रुपये तक की गिरावट के बाद भी बिक्री में खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई है।
फिश का रेट ढाई सौ से डेढ़ सौ पर आया
मछली कारोबारी मोहम्मद हसीन के मुताबिक सावन शुरू होने से पहले फिश का रेट ढाई सौ रुपये था, लेकिन अब मांग कम होने से दाम डेढ़ सौ रुपये कर दिए गए हैं। विभिन्न प्रजातियों की मछली सौ से डेढ़ सौ रुपये तक का रेट था। इसी तरह चिकन 180 से 200 रुपये किलो बिक रहा था। सावन शुरू होते ही यह 150 रुपये किलो में बिक रहा है। गांवों में 120 से 140 रुपये का रेट रह गया है।
पुलिस बंद करा रही दुकानें
मीट कारोबारी इसरार कुरैशी समेत कई का आरोप है कि सावन शुरू होने से पहले ही प्रशासन और पुलिस ने मांस की दुकानें बंद करने की हिदायत दे दी है। पुलिसकर्मी बाजार में आकर दुकानों को बंद करने को कह रहे हैं। इस वजह से जो ग्राहक दुकानों पर आ रहे हैं, वो भी लौट जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मी दुकानें बंद कराने का आदेश शासन से जारी होने की बात कह रहे हैं।
मीट कारोबारियों के लिए मुश्किल का महीना
मछली - 5 लाख से घटकर डेढ़ लाख रुपये
चिकन - 12 लाख से घटकर 7 लाख रुपये
मटन - 6 लाख से घटकर 4 लाख रुपये