बरेली में नवादा शेखान निवासी दीपक गंगवार ने कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी समेत नौ आरोपियों के खिलाफ बारादरी थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया है कि उनके पिता की जमा पूंजी के 22 लाख रुपये गुलाटी ने निवेश करवाकर हड़प लिए। गुलाटी के खिलाफ अब करीब 45 मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
नवादा शेखान निवासी दीपक गंगवार ने इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय को बताया कि उनके पिता सेवानिवृत्त सैनिक हैं। कन्हैया गुलाटी गैंग के आदित्य सक्सेना, नुक्ता प्रसाद और प्रमोद परिहार ने गुलाटी की मदद से पिता के 22 लाख रुपये कंपनी की विभिन्न योजनाओं में निवेश करवाकर हड़प लिए। निवेश के बदले ब्याज और प्लॉट आवंटन का झांसा दिया था। निवेश के बाद गुलाटी ने भुगतान करना बंद कर दिया। जानकारी लेने पर झूठे बहाने बनाए गए। इसके बाद गुलाटी के गुर्गों ने उनके नंबर को ब्लॉक कर दिया।
जान से मारने की धमकी दी
पीड़ित ने बताया कि वह आदित्य के घर गए तो वहां मौजूद गुलाटी के गुर्गों नुक्ता प्रसाद और प्रमोद परिहार ने उन्हें खींचकर जान से मारने की धमकी दी। रुपये मांगने पर छेड़खानी के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। एक महिला ने आदित्य को सरिया लाकर दी, जिससे जानलेवा हमला किया गया।
आदित्य के घर दोबारा गए तो उसकी पत्नी आंचल ने आदित्य से फोन पर बात कराई। तब आदित्य ने रुपये देने से साफ मना कर दिया। दीपक की शिकायत पर बारादरी थाने में कन्हैया गुलाटी, प्रमोद परिहार, आदित्य, आंचल, नुक्ता प्रसाद, अनुज कुमार, जितेंद्र पटेल, रेशू गंगवार और अजीत गंगवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।