बरेली। कान्हा उपवन में लगातार हो रही गायों की मौत का मामला शासन तक पहुंचने के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया है। संचालन अपने हाथ में आते ही निगम अफसरों ने बृहस्पतिवार को वहां कैंप लगाकर 90 पशुओं के स्वास्थ्य की जांच कराई, जिनमें से 11 गंभीर बीमार मिले। वहीं, डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह जब निरीक्षण को पहुंचे तो वहां से गायों का रिकॉर्ड ही गायब मिला। उन्होंने नाराजगी जताते हुए संचालकाें पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
सीबीगंज के गांव नदोसी स्थित कान्हा उपवन में गोवंश की लगातार मौत हो रही है। बुधवार को भी तीन गायों की मौत हुई थी। मेयर उमेश गौतम इस मामले की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर चुके हैं। गायों की मौत का मामला मीडिया में भी लगातार सुर्खियां बना हुआ है। इसको लेकर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने 25 अक्तूबर को कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. को पत्र लिखा तो बृहस्पतिवार को पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से यहां कैंप लगाया गया। कैंप में कमजोर दिखने वाले 90 पशुओं की जांच हुई तो 11 गंभीर बीमार मिले। 41 गोवंश की टैगिंग हुई, सात सांड़ों का बधियाकरण किया गया और 52 को एफएमडी की वैक्सीन लगाई गई। बीमार गायों को अलग शेड में रखवाया गया। इस दौरान नगर आयुक्त ने हर दस दिन में कैंप लगाने की बात कही। नगर आयुक्त के जाने के बाद डीएम निरीक्षण को पहुंचे तो कान्हा में गोवंश का पूरा रिकॉर्ड ही गायब मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और अब तक वहां देखभाल कर रही ट्रस्ट पर एफआईआर के निर्देश दिए। पार्षद पति सुखदीश कश्यप से कहा कि वह कमेटी बना लें और कान्हा की देखभाल करें। सांड़ों का शेड तैयार होने पर देरी पर नाराजगी जताई।
संचालन के लिए नई फर्म की तलाश शुरू
कामधेनु गोशाला के ट्रस्ट के हाथ खड़े करने के बाद नगर निगम ने कान्हा उपवन के संचालन के लिए दूसरी फर्म की तलाश शुरू कर दी है। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान की ओर से सूचना जारी करके इसके लिए आठ नवंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। फिलहाल नगर निगम ने यहां 12 कर्मचारी देखरेख और सात सफाई के लिए लगाए हैं।
बिना पोस्टमार्टम दफनाईं गाय, कान्हा में आने जाने पर प्रतिबंध
बुधवार को कान्हा में दम तोड़ने वाली तीन गायों को रात में दफन कर दिया गया। उनका पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। वहीं, मीडिया समेत बाहरी लोगों के कान्हा में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय गो रक्षा वाहिनी और यूथ पावर के बैनर तले संजीव अवस्थी, बंटी ठाकुर, गौरव सक्सेना आदि कान्हा उपवन पहुंचे लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इसको लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कान्हा में गायों की मौत की जांच कराने की मांग की है। वहीं, निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बृहस्पतिवार को मौतों से इनकार किया है।
पार्षद पति का आरोप, फिर दो गायों की मौत
पार्षद पति सुखदीश कश्यप का आरोप है कि बृहस्पतिवार सुबह भी दो गायों की कान्हा में मौत हुई और उन्हें ट्राली में गोबर में दबाकर ले जा रहे थे। ग्रामीणों के रोकने पर कर्मचारी ट्राली छोड़कर भाग गए। उनका आरोप है कि बृहस्पतिवार को जब तक नगर आयुक्त कान्हा में रहे, उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया।
25 गाय शिफ्ट, आज से शुरू होगी सुपुर्दगी
कान्हा से 25 गाय बृहस्पतिवार को रिठौरा गोशाला में शिफ्ट कर दी गई हैं। साथ ही डीएम के निर्देश पर शुक्रवार से पंजीकरण शुरू कर गाय अब आम लोगों को सौंपी जाएंगी। देखभाल के लिए 900 रुपये महीने भी मिलेंगे।
कान्हा में कैंप लगाकर गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। कान्हा का रिकॉर्ड गायब मिला है, संचालन करा रही ट्रस्ट पर रिपोर्ट के आदेश दिए हैं।
- वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम