पुलिस ने पति को कातिल मानते हुए दहेज हत्या में तरमीम किया कंचन की मौत का मामला
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कंचन भी सुभाषनगर के एक शख्स के संपर्क में थी, पुलिस जोड़ रही कड़ियां
बिशारतगंज/बरेली। कंचन मिश्रा हत्याकांड को बिशारतगंज थाना पुलिलस ने उसके भाई की तहरीर पर दहेज हत्या में तरमीम कर दिया है। इसमें कंचन के पति और उसके परिवार वालों को नामजद किया गया है। कंचन का पति परिवार समेत फरार है। पुलिस इसे उसके अपराध का सबूत मानते हुए उसकी तलाश में दबिश दे रही है। इधर, कॉल डिटेल से पता चला है कि प्रेम विवाह करने वाली कंचन सुभाषनगर के एक शख्स के संपर्क में थी।
शुक्रवार सुबह अखा तिराहे के पास झाड़ियों में महिला की लाश मिली थी। शनिवार को सुभाषनगर निवासी भरत मिश्र ने शव की पहचान अपनी बहन कंचन मिश्रा के रूप में की। रविवार को भरत ने बिशारतगंज पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी है। इसमें बताया कि बहन ने सुनगढ़ी, पीलीभीत निवासी ज्योतिषी सुनील शास्त्री से प्रेमविवाह किया था। भरत ने दहेज के लिए कंचन की हत्या करने का पति सुनील, सास नारायण वती, ससुर रामप्रताप शंखधार और विधवा ननद मीना पर आरोप लगाया। कहा, आरोपियों ने 29 अक्तूबर की रात अपने घर में कंचन की हत्या करने के बाद शव यहां लाकर फेंक दिया। प्रभारी थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि हत्या का मामला पहले से दर्ज था। तहरीर मिलने के बाद इसे दहेज हत्या में तरमीम किया गया है। विवेचना सीओ आंवला करेंगे।
सुभाषनगर का शख्स रडार पर
पुलिस ने आरोपियों के साथ कंचन और उसके परिवार के नंबरों की कॉल डिटेल भी निकलवाई है। पता लगा है कि कंचन की सुभाषनगर के सनैया निवासी एक शख्स से लंबी बात होती थी। कई-कई घंटे तक बात होने के प्रमाण मिले तो इस बारे में कंचन के भाई भरत से पूछा गया। भरत ने इस बारे में जानकारी से इंकार किया। पुलिस मान रही है कि कुछ अहम जानकारियां अभी सामने नहीं आ पा रही हैं। यह आरोपी पति सुनील की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आ सकती हैं।
कंचन की हत्या का मामला दहेज हत्या में बदल दिया गया है। घर से गायब पति और दूसरे आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं। उनकी तलाश के बाद ही हकीकत सामने आ सकेगी। - चमन सिंह चावड़ा, सीओ आंवला