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खेल के लिए चिह्नित डेढ़ सौ मैदानों पर दबंगों का कब्जा

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बरेली। स्मार्टफोन से बच्चों और युवाओं को बाहर निकालकर उन्हें खेल से जोड़ने की कवायद को दबंग पलीता लगा रहे हैं। पिछले दिनों खेल के मैदानों को संवारने से पहले किए गए स्थलीय निरीक्षण में रिपोर्ट में कब्जे सामने के बाद अफसर भी हैरान हैं। यह स्थिति तब है जब खुद जिलाधिकारी इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जुटे हुए हैं। मामले की जानकारी होने के बाद अब डीएम और सीडीओ ने सख्ती से दबंगों का कब्जा हटाने के निर्देश जारी किए हैं। कब्जा हटाने के लिए एसडीएम के निर्देशन में टीमें गठित की गई हैं।
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29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर तत्कालीन डीएम ने ग्रामीण इलाकों में छिपी खेल प्रतिभा को निखारने की योजना बनाई थी। डीएम के निर्देश पर प्रत्येक ब्लॉक में दस-दस खेल के मैदान बनाने के लिए जगह चिह्नित करने के निर्देश जारी हुए। 15 ब्लॉक के सापेक्ष 150 खेल मैदान बनाने के लिए जगह भी खोज ली गई। लेकिन इनमें से करीब 144 मैदानों पर खेती, दुकान समेत अन्य कब्जे पाए गए। डीएम ने सभी कब्जेदारों को कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए। हालांकि, इसी दौरान डीएम का स्थानांतरण होने के बाद मामला ठप हो गया। वहीं, नए जिलाधिकारी नितीश कुमार ने इस मुहिम को आगे बढ़ाने की योजना बनाई। मैदानों के स्थलीय निरीक्षण पर वर्तमान रिपोर्ट तलब की तो हर मैदान पर कब्जे यथावत मिले। मामले पर पिछले माह उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार के साथ बैठक कर कब्जे हटाने के निर्देश दिए। वहीं, कब्जे हटाने से इनकार करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। निर्देशों के तहत कार्रवाई शुरू हुई। फरीदपुर के रुरिया गांव से कब्जे हटाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

क्रिकेट पिच से लेकर स्विंग झूला तक
सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि खेल के बनाए जा रहे मैदानों के लिए बजट की मंजूरी मिल गई है। प्रत्येक मैदान में क्रिकेट पिच, वॉलीबाल, बैडमिंटन कोर्ट, फुटबाल और हॉकी के खेल की सुविधाएं मौजूद रहेंगी। इसके साथ ही, बच्चों के लिए स्विंग झूला, एक्सरसाइज किट आदि मौजूद रहेगा। लोगों को जॉगिंग या मॉर्निंग वॉक के लिए करीब 250 मीटर का रनिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा। ताकि यहां बच्चे, बुजुर्ग, युवा सभी एक साथ आनंद ले सकें।
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पुनर्जीवित किए जाएंगे सौ पटे तालाब
सीडीओ ने बताया कि जिले के सूख कर पट चुके सौ तालाबों को जीवित कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। मनरेगा के जरिए तालाब खुदवाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मानव दिवस का सृजन भी होगा। कुछ तालाबों को जीवित करने के लिए कार्य भी शुरू कर दिया गया है। किसी भी तालाब पर कब्जा नहीं मिला है।

‘खेल के मैदानों पर कब्जे पाए गए हैं। जिन्हें सख्ती से हटाने के लिए कहा गया है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले दो से तीन महीने में निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा।’
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- सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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