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अभी पांच दिन और सताएगी शीत लहर

Sat, 16 Dec 2017 02:26 AM IST
बरेली
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अभी पांच दिन शीत लहर और सताएगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के पहाड़ों पर बर्फ पिघलने के कारण मैदानी इलाकों में 20 दिसंबर तक शीत लहर से राहत नहीं मिलेगी। पछुआ हवाएं चलने से दिन में भी कड़ाके की ठंड रही, हालांकि दोपहर में हल्की धूप खिलने से लोगों को तीन से चार घंटे राहत मिली। सुबह और शाम कोहरा पड़ेगा और गलन बढ़ने का आम जनजीवन पर असर पड़ा है। 
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पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एचएस कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों पर 11 और 12 दिसंबर को बर्फबारी हुई थी। वहां बर्फ पिघलने से मैदानी इलाकों में गलन बढ़ गई। तेज पछुआ हवाओं ने सर्दी में और इजाफा कर दिया है। हालांकि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में 0.2 और अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस का सुधार हुआ। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 21.2 और न्यूनतम 7.4 डिग्री सेल्सियस था। वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21.8 और न्यूनतम 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, 20 दिसंबर तक मौसम में गलन, शीतलहर बरकरार रहेगी। आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह-शाम कोहरे का प्रकोप देखने को मिलेगा। दिन और रात का तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस नीचे-ऊपर होता रहेगा। 20 दिसंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम बदलेगा। 

कोहरा और पाला न गिरे तो रबी फसलों को फायदा
आईवीआरआई के कृषि वैज्ञानिक डा. रनजीत सिंह के मुताबिक, शीत लहर रबी की फसलों में गेहूं के लिए बेहद फायदेमंद है। जो किसान गेहूं की बुवाई कर चुके हैं और गेहूं उग आया है, ऐसे गेहूं को ठंडी जलवायु की जरूरत होती है। जो किसान गेहूं की बुवाई करने वाले हैं, शीत लहर और कोहरे के असर से उनको बुवाई में देरी हो सकती है क्योंकि खेत की ओठ आने में दो से चार दिन ज्यादा लगेंगे। 
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सरसों : आसमान में बादल छाए रहने और धूप न निकलने से सरसों के फूल पर मधुमक्खी नहीं घूमेगी। इससे फूल में परागण कम होगा और फली बनने में दिक्कत आएगी। लंबे समय शीत लहर चलने से नुकसान हो सकता है। अगर दिन में धूप निकलती है तो सरसों को भी फायदा होगा। 
सब्जियां : आईवीआरआई वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय आलू समेत जितनी भी सब्जियां बाजार में दिखती हैं, उन सबको ठंडी जलवायु की जरूरत होती है। अगर धूप निकलती रहे तो शीत लहर से सब्जियों को कोई नुकसान नहीं होगा। अधिकतम 17 से 22 डिग्री तापमान मिलने पर आलू की पैदावार बेहतर होगी। कोहरा और पाला न पड़े तो पत्ता गोभी, फूल गोभी, सोया, मेथी, शिमला मिर्च और मशरूम का उत्पादन बढ़ेगा। गाजर की पैदावार भी बेहतर होगी। आठ डिग्री से कम तापमान होने पर टमाटर को नुकसान होगा। अगर दिन में लंबे समय तक धूप नहीं निकलती है तो सब्जियों में झुलसा रोग लगने की संभावना है। इसमें पत्तियों पर धब्बे पड़ते हैं और बाद में वह सूखने लगती हैं। 

यह रखें सावधानियां
कोहरा या पाला पड़ने लगे तो किसान रबी फसलों गेहूं, सरसों और सब्जियों में यह सावधानियां रखें। 
1- ज्यादा दिनों तक सर्दी पड़ने से फसल में हल्की सिंचाई करें
2- खेत में नमी बराबर बनाए रखें। पाला या कोहरा से फसलों को बचाएं
3- सल्फर का प्रयोग करें। रोग लगने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें। 

बच्चों में निमोनिया और बुजुर्गों में हार्ट की समस्या बढ़ाएगी ठंड
बरेली। 
शीत लहर बच्चों और बुजुर्गों के लिए समस्या पैदा करेगी। डॉक्टराें के मुताबिक, बच्चों को निमोनिया और विंटर डायरिया होने का डर है। बुजुर्गों को इस मौसम में हार्ट की समस्याएं अधिक होती है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। नियमित चेकअप कराएं और पेट के प्रति भी सावधानी बरतें। चिकित्सकों के अनुसार, यह मौसम बेशक खानपान के लिए ठीक जरूर है लेकिन कई परेशानियां भी होती हैं। बैक्टीरिया का डर कम होता है लेकिन पाचन शक्ति अधिक सक्रिय न होने से पेट जल्दी खराब होता है। फिजीशियन डॉ. सुदीप सरन, जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य और नैचुरोपैथी चिकित्सक डॉ. एके पांडे ने कई जरूरी जानकारियां दी हैं। 

बच्चे रहें सावधान 
बच्चे खुली चीजें न खाएं। 
दूध की बोतल को गर्म पानी से धोएं। 
गर्म कपड़े पहना कर रखें। 
धूप होने पर ही गुनगुने पानी से नहलाएं। 
नवजात शिशुओं को ठंड में नहलाने से बचें। 

बुजुर्गों को सलाह 
ठंडे पानी से बिल्कुल न नहाएं। 
धूप निकलने के बाद टहलने निकलें। 
गले और नाक को अच्छे से ढकें। 
गर्म पानी का सेवन करें। 
बीपी का चेकअप कराते रहें। 

प्रकृति को बनाएं अपना दोस्त  
सर्दी को लोग आफत समझते हैं, जबकि सेहत के लिए यह मौसम आपका दोस्त बन सकता है। नैचुरोपैथी चिकित्सकों के मुताबिक, खानपान को नियमित करने से यह फायदेमंद साबित होगा। जिला अस्पताल के डॉ. एके पांडेय बताते हैं कि गुनगुने पानी में नींबू का रस डाल सकते हैं। ठंड में विटामिन सी प्राप्त करने के लिए दिन में नींबू, आंवला और अमरूद का सेवन करें। इससे जुकाम नहीं होगा। सर्दी में शिकायत होती है कि खाना हजम नहीं होता। इससे बचने के लिए खाने के बाद गुड़ जरूर खाएं। यह आपका हाजमा ठीक रखेगा और ऊर्जा भी देगा। डॉ. शाह परवेज कहते हैं कि मूली, गाजर, शलजम, चुकंदर, अदरक, टमाटर को सलाद के रूप में खाएं। इस मौसम में इससे अच्छा कुछ और है ही नहीं। पत्तेदार सब्जियां खाने के लिए भी यह अच्छा मौसम है।
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