मान्यता तो है कि अक्षय तृतीया पर किसी भी शुभ काम का अक्षय फल मिलता है लेकिन इस बार खुद अक्षय तृतीया को भी कोरोना की काली छाया ने ढक लिया है। पहली बार ऐसा मौका होगा जब अक्षय तृतीया का बेसब्री से इंतजार करने वाले ज्वेलरी शोरूम पर ताला लटका रहेगा। कुछ ज्वेलरी शोरूम ने ऑनलाइन बुकिंग का ऑफर देकर ग्राहकों को खींचने की कोशिश की है लेकिन चूंकि आभूषणों की डिलीवरी लॉकडाउन खुलने के बाद ही होगी लिहाजा कुछ ज्वेलर्स ही शोरूम की इस पहल को व्यर्थ की कोशिश बता रहे हैं।
रविवार सुबह से अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा लेकिन इस बार लोग अपने घरों में ही अनुष्ठान कर पाएंगे। जो लोग इस दिन सोना और आभूषण खरीदने की तैयारी किए बैठे थे, उनकी इच्छा पूरी होना मुश्किल माना जा रहा है। कुछ शोरूम की ओर से ऑनलाइन सोना और आभूषण खरीदने के ऑफर दिए गए हैं। लोगों को अलग-अलग माध्यमों से संदेश भेजे गए हैं कि वे व्हाट्सएप या वीडियो कॉल के जरिये अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में घर बैठे आभूषण पसंद करने के बाद आर्डर देकर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं, लॉकडाउन खत्म होते ही उनकी डिलीवरी कर दी जाएगी। हालांकि लोग इसमें कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं, यह रविवार को सराफा बाजार में हुई बुकिंग के आंकड़े ही बता पाएंगे।
डिलीवरी लॉकडाउन के बाद करेंगे
अक्षय तृतीया पर हमने ऑनलाइन सोना और ज्वेलरी खरीदने के लिए ऑनलाइन सुविधा दी है। कोई भी शुभ मुहूर्त में मर्जी के मुताबिक ज्वेलरी और डिजाइन पसंद कर आर्डर दे सकता है। इसके लिए व्हाट्सएप और वीडियो कालिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। डिलीवरी लॉकडाउन खुलने के बाद होगी। - सुबोध अग्रवाल, ज्वेलर्स
लॉकडाउन है लिहाजा सराफा बाजार खुलने की कोई उम्मीद ही नहीं है। पहली बार अक्षय तृतीया पर बाजार बंद होगा। यह बाजार कोई इतना जरूरी भी नहीं है कि इसके बगैर कोई काम न चले। लोग घर बैठे ही अक्षय तृतीया पर धार्मिक आयोजन करें। सराफा कारोबारी सरकार की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे। - संदीप अग्रवाल मिंटू, अध्यक्ष सराफा मंडल
डिलीवरी नहीं तो ऑनलाइन शॉपिंग कैसी
कुछ शोरूम मालिक ऑनलाइन खरीदारी के लिए ऑफर दे रहे हैं। उन्होंने इसकी तैयारी भी की है। खरीददार को जब शुभ मुहूर्त में सोना या आभूषण मिलेगा ही नहीं तो बुकिंग का ही क्या मतलब। लॉकडाउन का पालन जरूरी है। - मोहित आनंद, ज्वेलर्स
ऑनलाइन बुकिंग में कई समस्याएं है, ग्राहक भुगतान तो कर देगा लेकिन उसे शुभ मुहूर्त में माल नहीं मिल पाएगा। कुछ शोरूम ज्यादा उत्साहित हैं इसीलिए ऑनलाइन बुकिंग करने का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन कितने लोग इसका फायदा उठा पाएंगे यह बाद में पता चलेगा। - संदीप अग्रवाल, शोरूम सिविल लाइंस
कोरोना ने तोड़ी आस.. बैंड-बाजे से बरातघरों तक सब उदास
अक्षय तृतीया पर इस बार सिर्फ इक्का-दुक्का शादियां
वर्ष भर शादियों के लिए बसंत पंचमी, फुलेरा दूज, देवोत्थानी और अक्षय तृतीया समेत चार स्वयंसिद्ध तिथियां निर्धारित हैं। हालांकि सबसे ज्यादा शादियां अक्षय तृतीया पर ही की जाती हैं, लेकिन इस बार अक्षय तृतीया पर एक-दो लोगों ने ही शादी की अनुमति प्रशासन से ली है। लॉकडाउन की वजह से बैंड-बाजे वालों से लेकर बरातघरों तक हर जगह सन्नाटा छाया हुआ है। प्रशासन की ओर से जारी अनुमति में वर और वधू पक्ष से सिर्फ पांच-पांच लोगों के शामिल होने की सीमा निर्धारित की गई है। कोई धूमधड़ाका न करने की हिदायत भी दी है।
अक्षय तृतीया की पुराणों में भी गाथा
पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक अक्षय तृतीया पर जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त भी माना जाता है यानी इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ या विवाह, गृह प्रवेश, वस्त्र-आभूषणों या घर-प्लॉट और वाहन की खरीद की जा सकती है। पुराणों में लिखा है कि इस दिन पितरों को किया गया तर्पण और पिंडदान या किसी और प्रकार का दान भी अक्षय फल प्रदान करता है। इस दिन गंगा स्नान और भगवत पूजन करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।