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बरेली: टाइपिंग टेस्ट में कनिष्ठ सहायक तीन बार हुआ फेल, डीएम ने डिमोशन कर बनाया चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

Thu, 17 Sep 2026 04:09 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

सरकारी सेवा में निर्धारित योग्यता पूरी न करने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। डीएम अविनाश सिंह ने मीरगंज के कनिष्ठ सहायक रेहान खान को टाइपिंग टेस्ट में असफल रहने पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाया है। उन्हें तीन अवसर दिए गए थे। तीन अन्य कर्मचारियों को टाइपिंग दक्षता पूरी करने के लिए दो माह का अंतिम अवसर मिला है।
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डीएम अविनाश सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में सरकारी सेवा में निर्धारित योग्यता और कार्यकुशलता पूरी न करने वालों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मीरगंज तहसील में तैनात कनिष्ठ सहायक रेहान खान को तीन अवसर दिए जाने के बावजूद टाइपिंग टेस्ट में सफल नहीं होने पर पदावनत (डिमोशन) कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात करने का आदेश दिया है। वहीं फरीदपुर में राजस्व वसूली की रकम में गड़बड़ी के मामले में आरोपी कनिष्ठ सहायक अंशु वर्मा की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
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रेहान खान को वर्ष 2021 में मृतक आश्रित कोटे के तहत कनिष्ठ सहायक पद पर नियुक्ति मिली थी। पद के लिए निर्धारित कंप्यूटर टाइपिंग दक्षता पूरी करना अनिवार्य है। विभाग ने टाइपिंग क्षमता सुधारने और निर्धारित मानक पूरा करने के लिए तीन अवसर दिए, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। 

शासनादेश, संबंधित सेवा नियमों के तहत डीएम ने पदावनति का आदेश जारी किया। इनके अलावा टाइपिंग दक्षता पूरी न करने वाले कंचित चौधरी, राहुल कुमार और लक्ष्मी सक्सेना को दो माह का अंतिम अवसर दिया है। इस दौरान कंप्यूटर टाइपिंग का प्रशिक्षण लेकर निर्धारित टेस्ट पास करना होगा। सफल नहीं होने पर शासनादेश के अनुसार कार्रवाई की है। 
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सरकारी खाते की जगह निजी खाते में जमा कराई रकम
फरीदपुर में कनिष्ठ सहायक रहे अंशु वर्मा पर अमीनों से प्राप्त राजस्व वसूली की रकम सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय अपने व्यक्तिगत खाते में डालकर हड़पने का आरोप था। मामला वर्ष 2015-16 का है। उस समय उसे सेवा से बर्खास्त किया गया था। बाद में मामला ट्रिब्यूनल पहुंचा। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद एडीएम सिटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने मामले की दोबारा जांच की। 

आरोप पत्र की पुष्टि हुई। इसी आधार पर जिलाधिकारी ने अंशु की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि सरकारी सेवा में निर्धारित दक्षता और कार्य मानकों का पालन जरूरी है। शासन की मंशा के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को प्राथमिकता दी जा रही है।
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