बरेली। नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान लापरवाही के कारण स्मार्ट सिटी परियोजना को 60 लाख रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है। कोहाड़ापीर-नैनीताल रोड पर जीआरएम स्कूल की दीवार गिराते समय एक बुलडोजर ने निगरानी कैमरों को नियंत्रित करने वाले जंक्शन बॉक्स को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी तरह कूड़ा उठाने के दौरान भी एक अन्य जंक्शन बॉक्स को तोड़ दिया गया।
यह घटना सोमवार को हुई जब नगर निगम की टीम कोहाड़ापीर पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान दीवार के साथ ही जंक्शन बॉक्स को गिरा दिया गया। यह बॉक्स क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात निगरानी के लिए लगे निगरानी कैमरों के नेटवर्क का मुख्य नियंत्रण बिंदु था। इसके पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से संबंधित इलाके की पूरी निगरानी व्यवस्था ठप होने की आशंका है। मौके पर मौजूद नगर निगम और प्रवर्तन दल के अधिकारी व कर्मचारी इस दौरान मूकदर्शक बने रहे।
पहले भी हुई ऐसी घटना
स्मार्ट सिटी के उपकरणों को नष्ट करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पुराने शहर के जगतपुर इलाके में भी एक डलावघर के पास कूड़ा उठाते समय एक जंक्शन बॉक्स को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। बॉक्स की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये होती है। इन दो घटनाओं से परियोजना को कुल 60 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि अतिक्रमण हटाने से पहले नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रबंधन से तालमेल क्यों नहीं किया। संबंधित तकनीकी एजेंसी से भी कोई समन्वय नहीं किया गया। यदि संवेदनशील उपकरणों की पहले ही पहचान कर उन्हें सुरक्षित हटा लिया जाता, तो यह बर्बादी रोकी जा सकती थी। अभी तक किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई है।
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बयान
अतिक्रमण हटाने के दौरान जंक्शन बॉक्स टूटा है। अधिकारियों से नुकसान के बारे में पूछा गया है, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त