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पुलिस चौकसी के बीच गुजरा जुमा

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शहर में गश्त करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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लोग न जुटे इस लिए जामा मस्जिद सहित कई जगह वक्त से पहले हो गई नमाज
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तकरीर भी लाउड स्पीकर से नहीं हुई, लोगों ने अपने घरों पर ही अदा की नमाज

बरेली। लॉक डाउन का दूसरा जुमा पुलिस की कड़ी चौकसी के बीच शांति पूर्वक गुजरा गया। मस्जिद कमेटियों ने इस शुक्रवार को वक्त से पहले जुमे की नमाज आदा करा दी, ताकि आस पास के नमाजी न जुटें।
इस शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर सभी मस्जिदों से सुबह 10 बजे से ही लाउड स्पीकर पर एलान शुरू हो गया था कि लोग मस्जिदों में न आकर अपने अपने घरों में ही जोहर की नमाज अदा करें। इसके बाद अलग अलग मस्जिदों से अपने वक्त के मुताबिक दोपहर साढ़े 12 बजे से अजान का दौर शुरू हो गया। जो दोपहर साढ़े 3 बजे तक जारी रहा। अजान से और नमाज के बीच के बीच आधे घंटे का समय रहता है। ताकि नमाजी मस्जिदों में वक्त पर पहुंच सकें।
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इस बार चूंकि नमाजियों को मस्जिदों में नहीं आना था लिहाजा मस्जिद कमेटियों के फैसले के मुताबिक वक्त से लगभग 15 से 20 मिनट पहले ही इमाम ने नमाज अदा करा दी। ताकि कुछ लोग यदि मस्जिद में नमाज के वक्त आएं भी नमाज हो चुकी हो और उन्हें रोकने की भी नौबत न आए। यह तरीका किला की जामा मस्जिद सहित शहर की अधिकांश छोटी बड़ी मस्जिदों में अपना गया। इस तरह लोगों ने अपने घरों पर जुहर की नमाज अदा की। जमात में सिर्फ मस्जिद के इमाम और कमेटी के लोगों ने ही जुमे की नमाज पढ़ी।
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इस बार यह भी देखने को मिला कि अधिकांश मस्जिदों में तकरीरें बिना लाउड स्पीकर के हुईं और खुतबा भी इसी तरह पढ़ा गया। इस दौरान पता चला कि पुराना शहर और किला क्षेत्र के कुछ मोहल्लों में अड़ोस पड़ोस के इक्का दुक्का लोग मस्जिद पहुंचे भी मगर नमाज हो जाने की बात पता चलने पर उन्हें घर वापस जाना पड़ा। इधर पुलिस भी तमाम मोहल्लों में गश्त पर नजर आई। शहर की जामा मस्जिद, सैलानी, दरगाह आला हजरत आदि पर तो नमाज के दौरान पुलिस की तैनाती भी रही। पुराना शहर के इलाके में तो एएसपी अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में फोर्स राउंड करती भी नजर आई। नमाज का सिलसिला शाम लगभग चार बजे तक चला।
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