फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गठबंधन से सपा कांग्रेस में लौटी जान

Mon, 23 Jan 2017 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
विज्ञापन
John returned to Congress from the alliance SP - फोटो : बरेली, अमर उजाला
विज्ञापन
सपा और कांग्रेस का गठबंधन होने की खबर मिलते ही जिले में दोनों दलों में खुशी की लहर है। दोनों दलों के टिकटार्थी जरूर मायूस हुए हैं लेकिन पार्टी के बड़े नेता इसे जीत की सही राह बता रहे हैं। बरेली मंडल में कांग्रेस को छह सीटें मिली हैं। ये वही सीटें हैं जिन पर कांग्रेस की नजर थी और इनमें ज्यातादर में सपा में आपसी खींचतान भी थी। बरेली सीट के लिए अनिल शर्मा और मेयर आईएस तोमर लड़ रहे थे तो शहर में जफर बेग को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। मीरगंज में टिकट को लेकर पार्टी में लंबी लड़ाई चली। 
विज्ञापन

सपा के स्थानीय नेताओं को लग रहा था बरेली से ज्यादा से ज्यादा दो सीटें ही कांग्रेस को मिलेंगी। पहले शहर सीट से सुप्रिया ऐरन का उतरना तय माना जा रहा था लेकिन उन्होंने टिकट के लिए आवेदन ही नहीं किया। कैंट सीट पर भी पहले सुप्रिया ऐरन ही मेहनत की थीं लेकिन मुजाहिद हसन खान के सक्रिय होने के बाद उन्होंने कदम पीछे खींच लिए थे।  इस गठबंधन से  माना जा रहा है कि अब प्रदेश विधानसभा में जिले से कांग्रेस का 25 सालों का सूखा खत्म हो सकता है वहीं सपा के वोट भी बढ़ने के आसार हैं।  बरेली जिले में 91 के बाद कांग्रेस को सीट नहीं मिल सकी थी। लेकिन कांग्रेस के पास अपना वोट बैंक है यह 2009 के लोकसभा चुनाव में प्रवीण सिंह ऐरन ने सांसद बनकर साबित किया था। उस वक्त भी शहर सीट पर कांग्रेस को ज्यादा वोट मिले थे। जाहिर है इस बार गठबंधन में शहर सीट कांग्रेस के खाते में जाने से सपा के वोटों के साथ फायदा तो होगा।  कैंट सीट कांग्रेस के खाते में जाने से  वहां का गणित भी फायदे का सौदा हो सकता है। यहां भी पिछले चुनाव में सपा के प्रत्याशी को 32856 वोट मिले थे तो कांग्रेस  को 16203। वोटों का स्विंग यहां  दूसरे दलों को मुश्किल में डाल सकता है। 

सुप्रिया ने आवेदन नहीं किया
पूर्व मेयर को सब लोग शहर सीट पर कांग्रेस का सशक्त दावेदार मान कर चल रहे थे लेकिन पता चला कि इस बार उन्होंने टिकट के लिए आवेदन ही नहीं किया था। काफी समय से सक्रिय सुप्रिया ऐरन और पहले कैंट से लड़ने का मन बना चुकी थी फिर उनके शहर से उतरने की बात हुई। सूत्रों के अनुसार धार्मिक आधार पर वोटरों के ध्रुवीकरण और पार्टियों के प्रति महिलाओं का रुझान समझने के बाद उन्होंने इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला कर लिया था उन्होंने सामाजिक समारोहों से अलावा अपना जन संपर्क भी कम कर दिया था। 
विज्ञापन


किसने क्या कहा
भाजपा की साजिश को रोकने में कामयाब होंगे: ऐरन

कांग्रेस से पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने गठबंधन को उचित कदम बताते हुए कहा कि समग्र रूप से वर्तमान राजनीति के जो हालात बन गए थे ऐसे में प्रदेश और देश के लिए तालमेल जरूरी हो गया था। यह ऐतिहासिक फैसला है। जिस तरह भाजपा की केंद्र सरकार हर मोर्चे पर फेल रही और अपनी नाकामी छुपाने के लिए समाज को बांटने की साजिश कर रही है । निश्चित ही इस गठबंधन से भाजपा को रोकने में कामयाबी मिलेगी। अखिलेश यादव के नेतृत्व में कांग्रेस और सपा के गठबंधन की सरकार बननी तय है। 

रणनीति बना कर जंग लड़ेंगे- रामदेव
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय ने कहा कि गठबंधन तो प्रदेश की जरूरत थी। निश्चित तौर पर यह गठबंधन दोनों ही दलों को लाभ पहुंचाएगा। सीटें  तय हो गई अब रणनीति बनाकर जंग की शुरुआत की जाएगी।  बरेली शहर और कैंट की सीट हमें मिलनी ही थी हैं। अब मीरगंज भी मिल गई है। कांग्रेस बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। 
गठबंधन से जनता खुश, जीत पक्की- असलम

कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम ने कहा है कि सपा कांग्रेस गठबंधन होने से जनता बहुत खुश है। वह चाहती है कि इस गठबंधन की सरकार बने। जनता का यह विश्वास हमारी कामयाबी है और दोनों पार्टियां मिल कर सरकार बनाएंगे। इस गठबंधन से धर्मनिर्पेक्षता को बल मिलेगा और सांप्रदायिक ताकतों को हार का मुंह देखना पड़ेगा।
भाजपा खाली हाथ रह जाएगी

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रोफेसर अलाउद्दीन खां का कहना है सपा कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनना तय है। इसकी वजह यह है कि इस चुनाव में धर्म निर्पेक्ष ताकतें सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई है। बिहार की तरह ही प्रदेश में भी भाजपा खाली हाथ रह जाएगी और गठबंधन बहुमत के साथ उभर कर आएगा।
गठबंधन के परिणाम अच्छे होंगे

महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष कमलेश ठाकुर का कहना है कि पार्टी हाई कमान ने जो निर्णय लिया है वह अच्छा है और इसके परिणाम भी अच्छे ही आएंगे। सरकार भी बनना तय है। दोनों पार्टियों के साथ होने से प्रदेश में विकास को बल मिलेगा। ऊपर से पार्टी का जो आदेश मिलेगा उसी के अनुसार आगे की रणनीति तय करेंगे।
गठबंधन समय की मांग

 उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव डा. नीतू शर्मा मेहरोत्रा ने कहा कि सपा कांग्रेस गठबंधन से दोनों पार्टियों को बल मिलेगा। साथ ही सांप्रदायिक ताकतों को रोका जा सकेगा। यह गठबंधन समय के अनुसार जरूरी भी था नहीं तो सांप्रदायिक ताकतें हावी हो जाती। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की सरकार बनने से प्रदेश का विकास भी संभव है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें