बरेली। श्रद्धालुओं ने सुबह दस बजे तक अष्टमी फिर नवमी मनाकर कन्याएं जिमाई। श्रद्धालुओं ने सुबह को हवन पूजन करके मंदिर या किसी ऐसी जगह पर जहां कन्याएं मिली, भोजन के पैकेट उनको दिए, फिर कन्याओं के पैर छूकर उनसे विदा ली। आठ दिन के व्रत के बाद श्रद्धालुओं ने कन्याएं जिमाई। श्रद्धालुओं में घरों में हवन पूजन किया। कोरोना संक्रमण के भय से श्रद्धालुओं ने खाने के पैकेट बनाकर मंदिर या अन्य किसी जगह जहां कन्याएं बैठी हुई थीं, वहां पैकेट बांट दिए। कुछ श्रद्धालुओं ने गेट से ही कन्याओं को खाने के पैकेट दिए। इसके बाद उनके पैर छूए और विदा किया। दोपहर तक मंदिरों में भीड़ लगी रही।