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लोगों को भड़काने का काम कर रही थी जेहादियों की टोली

Mon, 22 Jun 2020 02:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
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demo pic - फोटो : सोशल मीडिया
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अंसार गजवातुल हिंद के बारे में एटीएस को कश्मीर पुलिस से अहम जानकारियां मिली हैं। पता चला है कि यह संगठन दक्षिण कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहा था तो कश्मीर के बाहर उसका नेटवर्क नफरत भड़काने का काम कर रहा था। इनामुल इसी नेटवर्क का एक अहम मोहरा है जिसे मुसलमान युवाओं में जेहादी मानसिकता भड़काने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 

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लखनऊ में इनामुल से लगातार चल रही पूछताछ में एटीएस को यह भी पता चला है कि उसी की फ्रेंड लिस्ट में शामिल सैफतुल्ला खान नाम के युवक ने इज्जतनगर पुलिस और करमपुर चौधरी के समुदाय विशेष के लोगों के बीच हुए संघर्ष का वीडियो नफरत फैलाने वाले कमेंट्स के साथ वायरल किया था।

एटीएस सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले ही फेसबुक अकाउंट को निष्क्रिय कर दिए जाने के कारण यह पता नहीं लग पा रहा है कि सैफतुल्ला कहां का रहने वाला है लेकिन उसके साथ कई कश्मीरियों के भी जुड़े होने का प्रमाण जरूर मिला है। सैफतुल्ला के जरिये अमीन हुसैन उर्फ मोहम्मदी नाम का शख्स इमानुल से जुड़ा हुआ है। अमीन नवंबर में बरेली आया था और उसकी आईडी पर विजिट टू बरेली लिखकर पोस्ट है। 
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वह कहां का रहने वाला है, यह भी पता नहीं चल पा रहा है। अमीन ने करीब तीन महीने पहले करमपुर लाठीचार्ज का वीडियो शेयर कर मीडिया और पुलिस पर कटाक्ष किया है। उसने दरगाह में जमातियों का प्रवेश रोकने संबंधी अखबारों की खबरों की पीडीएफ भी फेसबुक पर डालकर भड़काऊ कमेंट किए हैं।

सैफतुल्ला और अमीन जैसे लोग भी एटीएस निशाने पर हैं। इनामुल से जुडे़ लोगों ने करमपुर के अलावा दूसरी जगहों पर भी किसी घटना के बाद पुलिस की दबिश या पिटाई के वीडियो को शेयर किया है। इनके निशाने पर सबसे ज्यादा भारतीय मीडिया रहा है जिसे यह एक वर्ग विशेष से जोड़कर दिखाते हैं। इनके अलावा भारत सरकार के खिलाफ जहर उगला जाता है। ऐसा करके समुदाय विशेष के युवाओं को सरकार और देश विरोधी गतिविधियों में लगाने की कोशिश की जाती रही।

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