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Bareilly News: जो डिवीजन गठित ही नहीं हुआ...उसमें ही कर दिया जेई का तबादला

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बरेली। अवर अभियंता संजीव कुमार का ऐसे खंड में तबादला कर दिया गया, जिसका अभी तक गठन ही नहीं हुआ। यही वजह है कि उन्हें स्थानीय भवन निर्माण खंड से तीन बार रिलीव किया गया और हर बार वापस लिया गया।
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लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड (भवन) के अंतर्गत सेवारत अवर अभियंता संजीव कुमार का स्थानांतरण 29 जून 2022 को प्रमुख अभियंता व्यवस्थापन ने भवन खंड अलीगढ़ के लिए किया था। तीन-तीन बार रिलीव किए जाने के बाद भी वह अलीगढ़ नहीं पहुंच पाए। बरेली में उन्हें 12 वर्ष से भी अधिक समय हो गया है। किसी भी अभियंता को एक जिले में अधिकतम छह वर्ष रखा जा सकता है। इस मामले में अब प्रमुख अभियंता ने मुख्य अभियंता बरेली जोन से रिपोर्ट मांगी है।

मुख्य अभियंता संजय तिवारी ने कहा कि अलीगढ़ में भवन निर्माण खंड शासन ने बनाया तो है, लेकिन मौके पर उसका गठन नहीं है। इसलिए जेई अपना योगदान कहां पर करते। उन्होंने कहा पिछले दिनों कुछ बाबुओं के भी भवन खंड में तबादले हुए तो उन्हें खंड गठित न होने की वजह से दूसरे डिवीजनों में स्थानांतरित किया गया। जेई को भी दूसरे किसी डिवीजन में ट्रांसफर किया जा सकता था, लेकिन यह काम मुख्यालय के स्तर से ही होना है। मुख्यालय को वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए रिपोर्ट भेजी गई है।
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कोट

मैंने जेई को रिलीव किया था, लेकिन अलीगढ़ से वापस कर दिया गया। वहां भवन निर्माण खंड नहीं था। अलीगढ़ के मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता ने यही लिखकर भेजा है कि अभी भवन खंड का गठन नहीं है। जैसे ही भवन खंड का गठन होगा, इन्हें फिर रिलीव करेंगे। - संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता भवन निर्माण खंड
तैनाती पर नहीं गए कई अभियंता
लोक निर्माण विभाग में चहेते अभियंताओं को मलाईदार काम दिए जाते हैं। इसीलिए वे नवीन तैनाती पर नहीं जाते। जुगाड़ या सिफारिश लगाकर अपनी जगह बने रहते हैं। उनको वरिष्ठ अधिकारियों का भी संरक्षण रहता है। यही वजह है कि कई अभियंता स्थानांतरण के बाद भी पुरानी तैनाती पर काम कर रहे हैं। इस पर भी मुख्यालय ने रिपोर्ट मांगी है।
सांसद ने शासन को अवगत कराया, देरी पर जताई नाराजगी
आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र भेज कर कहा कि शासन की तबादला नीति की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। संजीव कुमार समेत कई अभियंता ऐसे हैं जो तबादले के बाद भी नवीन तैनाती पर नहीं गए। कुछ अफसर इन्हें बचाने में लगे हैं ताकि निजी हित पूरे होते रहें। सांसद के मीडिया प्रभारी राहुल कश्यप का कहना था कि अवर अभियंता संजीव कुमार 12 वर्ष से एक जिले में क्यों हैं।
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