बरेली। बिजली निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का फिर खुलासा हुआ है। एंटी करप्शन टीम ने जेई और कुली को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों के खिलाफ थाना सुभाषनगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बिजली निगम ने भी दोनों पर कार्रवाई की है।
सुभाषनगर थाना क्षेत्र में बदायूं रोड पर नवजीवन अपार्टमेंट निवासी परमीत सिंह के घर निर्माण कार्य चल रहा है। परमीत सिंह ने इसके लिए अपने पड़ोसी के घर से बिजली का तार डाल रखा है। बताते हैं कि कुछ दिन पहले एक सूचना पर सुभाषनगर उपकेंद्र के जेई सूरजलाल गुप्ता और लाइन कुली नरेंद्र सिंह रावत उनके घर चेकिंग करने पहुंचे। इन लोगों ने बिजली चोरी से जुड़ा मामला बताते हुए उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। कहा कि उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जेल भिजवाने का डर दिखाया तो परमीत परेशान हो गए। तब दोनों ने उनसे पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी। परमीत ने इसके लिए शुक्रवार तक का समय ले लिया।
इसके बाद परमीत ने एंटी करप्शन टीम से मुलाकात कर रिश्वत मांगने की शिकायत की। शुक्रवार को जब परमीत सिंह आरोपियों को यह रकम देने पहुंचे तो टीम भी आसपास लग गई। परमीत ने जब रुपये दिए तो जेई ने अपने हाथ में रुपये लेकर रखने को कुली की तरफ बढ़ा दिए। टीम ने दोनों को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम इन्हें सुभाषनगर थाना ले आई। एंटी करप्शन इंस्पेक्टर रामलाल पांडेय ने बताया कि शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को एंटी करप्शन कोर्ट में भेजा गया, वहां से जेल भेज दिया गया।
इधर, अधिशासी अभियंता अमित कुमार आनंद ने बताया कि जेई को निलंबित करने और कुली की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की गई है। दोनों की वजह से बिजली निगम की छवि धूमिल हुई है। अन्य कर्मचारियों को भी समझना चाहिए कि इस तरह की हरकत की तो निगम भी सख्त कार्रवाई करेगा।