बरेली। उच्च न्यायालय के आदेश का अधूरा अनुपालन करने के आरोप में शासन ने जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। लखनऊ के संयुक्त विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्ति किया गया है।
विकास विभाग में पेड अप्रेंटिस रहे प्रभात भटनागर बनाम उप्र राज्य व अन्य में उच्च न्यायालय ने 11 अगस्त 2023 को आदेश दिए थे। जांच के लिए जारी आदेश में शासन ने लिखा है कि अधूरा अनुपालन कर मुख्यालय को इस प्रकरण में अकारण सम्मिलित कराया। इससे उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय का अनुपालन/नियमानुसार जल्दी नहीं हो सका।
दिनेश कुमार यादव शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के लिए प्रथमदृष्टया जिम्मेदार हैं। इनके विरुद्ध उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम-7 के अंतर्गत विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई होगी। राज्यपाल ने संयुक्त विकास आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त करने स्वीकृति प्रदान की है।
अब इन्हें आरोपपत्र देकर जवाब मांगा जाएगा। जिला विकास अधिकारी दिनेश यादव ने बताया कि पूरा मामला उनके कार्यकाल से पहले का है। वह जांच अधिकारी के सामने पक्ष रखेंगे। सही तथ्य सामने आने पर अंतत: सत्य की जीत होगी। उन्हें भरोसा है। ब्यूरो
यह था मामला
पेड अप्रेंटिस प्रभात भटनागर को नौकरी से बर्खास्त किया गया था। कार्यवाहक डीडीओ रहे तेजवंत सिंह के कार्यकाल में कोर्ट के आदेश पर भटनागर को बहाली मिली थी। बकाया देयकों के भुगतान का मामला लंबित था। इसके अनुपालन में मौजूदा डीडीओ ने शासन से मार्गदर्शन मांगा था। मार्गदर्शन मिलने में समय लगा। कोर्ट के आदेश के बाद भी बकाया देयकों का भुगतान होने पर अवमानना याचिका दाखिला हुई थी। तब शासन की अनुमति के बाद भुगतान हुए। लेकिन इसी मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।