बरेली। कांग्रेसियों के जोरदार विरोध के बाद प्रशासन ने शुक्रवार देर रात पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा को कूड़े के ढेर से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखवाया। वहीं, प्रतिमा की पुनर्स्थापना की मांग को लेकर आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. केबी त्रिपाठी ने प्रशासन पर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा का अपमान करने का आरोप लगाया। कहा कि आरोपियों पर देशद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए।
शुक्रवार को जिला और महानगर कांग्रेस के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता कूड़े के ढेर में प्रतिमा रखने की जानकारी पर मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान कई कांग्रेसी रोने भी लगे। डीएम, एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों को जानकारी दी। बाद में एडीजी के आदेश पर एसएसपी ने दो होमगार्डों की ड्यूटी प्रतिमा की निगरानी में लगाई।
देर रात डॉ. केबी त्रिपाठी, जिला अध्यक्ष अशफाक सकलैनी और महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला ने होमगार्डों के साथ प्रतिमा को साफ जगह पर गद्दे बिछाकर रख दिया। इसके बाद सभी अनशन स्थल पर लौट आए। यहां जिला प्रवक्ता पंडित राज शर्मा, जिला उपाध्यक्ष हेमेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष राजन उपाध्याय, जिला महासचिव जिया उर रहमान, सुरेश वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
मुद्दे को गर्माने की तैयारी में कांग्रेस
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री के अपमान के मामले को कांग्रेस गर्माने की तैयारी में है। स्थानीय स्तर पर जोरदार विरोध के बीच रविवार को सांसद व उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन तनुज पूनिया और राकेश राठौर अनशन स्थल पर पहुंचेगे। कई और नेताओं के आने की बात भी कही जा रही है। 14 नवंबर से पहले अगर प्रतिमा की पुनर्स्थापना नहीं होती है तो विरोध का दायरा बढ़ाया जाएगा। संवाद