बरेली। जाट रेजीमेंट सेंटर में मंगलवार को इंफेंट्री डे मनाया गया। इस मौके पर रेजीमेंट स्थित युद्ध स्मारक पर इंफेंट्री शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उत्तर भारत एरिया के जनरल आफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विशम्भर सिंह विशिष्ट सेवा मेडल, 6 माउंटेन डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वीपीएस भाकुनी विशिष्ट सेवा मेडल और यूबी एरिया हेडक्वार्टर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल एके सिंह सेना मेडल समेत कई सैन्य अफसरों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
हर साल 27 अक्टूबर को भारतीय सेना इंफेंट्री डे के रूप में मनाती है। 22 अक्टूबर को 1947 को पाकिस्तानी सेना समर्थित लगभग पांच हजार कबाइलियों ने कश्मीर घाटी पर आधिपत्य जमा रखा था। 26 अक्टूबर 1947 को महाराज हरी सिंह ने कश्मीर के भारत में विलय होने के समझौते पर हस्ताक्षर किए और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने भारतीय सेना को इन कबाइलियों को कश्मीर से खदेड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद भारतीय सेना की सिख रेजीमेंट की पहली बटालियन की एक कंपनी दिल्ली से श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर को हवाई मार्ग से रवाना हुई और पाकिस्तानी सेना समर्थित कबाइलियों से मुक्त कराने के लिए श्रीनगर हवाई अड्डे पर उतरी थी। यह अभियान इंफेंट्री केंद्रित था, जो 27 अक्टूबर 1947 को भारतीय सेना ने अंजाम दिया।