जनधन खातों में दो लाख रुपये तक जमा करने वालों को केंद्र सरकार राहत देने की तैयारी में है। इसीलिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के लिए बैंकों में इस तरह के खातों में जमा दो लाख और उससे अधिक राशि के अलग-अलग आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं। इनके लिए बैंकों में जल्द ही सॉफ्टवेयर विकसित होगा। बैंक एक सप्ताह के अंदर इन आंकड़ों को तैयार करके आयकर विभाग के डायरेक्ट टैक्स विभाग को भेजेंगे।
आयकर विभाग ने एक लाख और उससे अधिक जमा करम वाले जिले के ढाई हजार जनधन खाताधारकों को नोटिस जारी किए थे। करीब 10 हजार और खाताधारकों को नोेटिस जारी करने की तैयारी है । लेकिन पिछले सप्ताह खातेदारों से नोटिसों का जिस तरह से जवाब मिला, उसके बाद आयकर विभाग के पास कार्रवाई करने का कोई तर्क नहीं था। साथ में यह भी समस्या है कि सीमित संसाधनों में एक सर्किल के करीब दस हजार खातेदारों को बुलाकर उनके बयान कैसे लिए जाए। सभी शहरों से फीड बैक मिलने के बाद नए सिरे से जनधन खातों में दो लाख और उससे अधिक जमा राशि वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। इसीलिए एक लाख से दो लाख रुपये तक जिन जनधन खातों में धनराशि जमा हुई है, उनका जवाब तो लिया जा रहा है लेकिन उनसे ज्यादा सवाल नहीं किए जा रहे हैं। दूसरी यह समस्या भी है कि जनधन वाले अंग्रेजी में नोेटिस होने के कारण ठीक से जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने साफ साफ कह दिया है कि नोटिस अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी में दें, उसी के बाद वह ठीक से जवाब दे पाएंगे।