ग्रामीणों ने शीघ्र कटान रोकने के लिए ठोस सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कटान जारी रहा तो लाखों रुपये की यह परियोजना नदी में समा जाएगी और सरकारी धनराशि बर्बाद हो जाएगी।
एसडीएम निधि शुक्ला ने बताया कि जलनिगम के एक्सईएन को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया गया। जो कीमती सामान है, उसे सुरक्षित रखवाया जा रहा है। फिलहाल बाढ़ के कारण पत्थर और पिचिंग का काम नहीं कराया जा सकता है। उच्चधिकारियों को सुरक्षा के लिए पत्र भेजा जा रहा है।