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जेटली की बजट धुन पर उद्यमी झूमे

Tue, 01 Mar 2016 01:24 AM IST
बरेली
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बरेली के उद्यमियों ने तो पहले ही जश्न की तैयारी कर ली थी। इंडियन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (आईआईए) और चैंबर आफ कामर्स के संयुक्त तत्वावधान में परसा खेड़ा स्थित बीएल एग्रो परिसर में लाइव बजट देखा फिर चर्चा हुई। उनकी नजर में  जेटली का बजट से जहां कृषि क्षेत्र में आमदनी दो गुनी होगी, वहीं उद्योगों के विकास का रास्ता साफ होगा। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज के क्षेत्र में एफडीआई के आने से बरेली के विकास के रास्ते खुलेंगे, क्योंकि बरेली शहर एग्रो बेस इंडस्ट्रीज क्षेत्र है।
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 उद्यमियों का कहना है कि इससे बरेली में कृषि पर आधारित उद्योगों की स्थापना के रास्ते खुलेंगे। इस बजट से सरकार की किसानों और उद्योगों को बढ़ाने की चिंता साफ झलकती है। स्टार्टअप  मेक इन इंडिया से जुड़ा है। बजट सबसिडी होने से प्रतिस्पर्धा में उद्यमियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
इस दौरान उद्यमी घनश्याम खंडेलवाल, विमल रेवाड़ी, अनुज अग्रवाल, बीमा घर, आरसी श्रीवास्तव, सुरेश सुंदरानी, आदित्य मूर्ति आदि मौजूद थे। घनश्याम खंडेलवाल बोले -फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज में एफडीआई लागू होने से बरेली में रोजाना की जरूरत के खाद्य पदार्थों से जुड़े उद्योगों का विकास होगा। साइड के उद्योगों में कच्चा माल, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट तथा अन्य उद्योग भी बढ़ेंगे। यहां डेयरी, बेकरी आदि इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन मिलेगा ।
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सुरेश सुंदरानी का कहना था कि एग्रो बेस इंडस्ट्रीज के लिए अच्छा बजट है, किसान और उद्यमियों दोनों को इस बजट में प्राथमिकता दी गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार होगा।
चैंबर आफ कामर्स के प्रतिनिधि के तौर पर आदित्य मूर्ति बोले- स्किल्ड डवलपमेंट का सेंटर खोलने का फैसले बरेली के लिए अच्छा है। यहां सेंटर खुलने के साथ-साथ  इंडस्ट्रीज को प्रशिक्षित तथा ट्रेंड कर्मी मिलेंगे। जिससे कि उत्पादन भी बढ़ेगा। विमल रेवाड़ी कहते हैं बजट महत्वाकांक्षी है, कृषि और उद्योग क्षेत्र में नए परिणाम मिलेंगे। इंडस्ट्रीज में बूम आएगा।

बिल्डर हरदीप सिंह बोले-यह रीयल स्टेट को बढ़ावा देने वाला बजट है। किसान और उद्यमियों की आय बढ़ेगी तो स्वत: ही रीयल स्टेट में बूम आएगा। इसका असर फिलहाल नहीं दिखेगा लेकिन एक साल बाद फायदा जरूर मिलेगा। रवि खंडेलवाल बोले, बजट में इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दिया गया है लेकिन एक्साइज में छूट की सीमा नहीं बढ़ाई गई है, बेहतर तो यह होता कि एक्साइज में छूट की सीमा बढ़ती। सौरभ अग्रवाल की राय में होम लोन वालों के लिए यह बजट अच्छा है। पहली बार मकान बनवाने वालों को एक निश्चित सीमा तक आयकर में पूरी छूट दी गई है। इससे मध्यम श्रेणी के लोगों को मकान खरीदने में सुुविधा रहेगी।
अल्पित अग्रवाल बोले मध्यम वर्ग के लोगों को कार खरीदना थोड़ा महंगा हुआ है लेकिन महंगी कार खरीदने वालों पर टैक्स बढ़ेगा तो उससे ज्यादा असर नहीं होगा।

उद्यमियों वाली खबर में जुड़ेगा
‘भविष्य को देखने वाला बजट है। बजट के माध्यम से हर वर्ग को मजबूत करने की कोशिश की गई है। इसमें इंडस्ट्रीज के उत्पादन के साथ-साथ उपभोक्ताओं की खर्च की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया गया है। मौजूदा समय में इंडस्ट्रीज और आम आदमी के लिए बजट में बेहतर स्थिति है।’ दिनेश गोयल, पूर्व चेयरमैन चैंबर आफ कामर्स

‘बजट से जीएसटी में राहत की उम्मीद थी लेकिन कोई राहत नहीं मिली। सर्विस टैक्स और सरचार्ज बढ़ने से उत्पाद महंगे हो जाएंगे। आयकर छूट की सीमा न बढ़ने से आम आदमी की खरीद की क्षमता में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकेगी।’ अजय शुक्ला, अध्यक्ष भोजीपुरा औद्योगिक आस्थान

‘दुनिया में जिस तरह से मंदी का दौर चल रहा है, उस दृष्टि से बजट बेहतर है। क्योंकि चाइना मंदी के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में हमारे उद्योगों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से यह बजट बेहतर है।’ शकील कुरैशी, उद्योगपति एवं निर्यातक

पहले तो घबरा ही गए थे निवेशक
सुबह 11 बजे जैसे ही बजट का सीधा प्रसारण शुरू हुआ, सेंसेक्स 600 और निफ्टी 200 अंक नीचे आ गया। शेयर कारोबार से जुड़े लोगों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही थीं।
बरेली में रतनदीप कांपलेक्स, बटलर प्लाजा, सराफा और राजेंद्रनगर समेत कई स्थानों पर शेयर कारोबार होता है। कारोबारी ऑनलाइन शेयर बाजार पर निगाहें जमाए हुई थे। बजट प्रसारण सीधा टीवी पर देख रहे थे। आयकर छूट सीमा में कोई रियायत नहीं होने से बाजार में निराशा छा गयी। धीरे धीरे जब ब्रेकअप प्रसारित हुए तब पता चला कि मकान किराया में स्लैब बढ़ गया और 50 लाख रुपये के मकान खरीद पर टैक्स छूट घोषणा हो गयी। दीर्घकालीन निवेश में टैक्स छूट और सरकारी वित्तीय घाटा 3.5 प्रतिशत पर स्थिर रखने की घोषणा हुई तो शेयर कारोबारियों के चेहरों पर रौनक आने लगी।
दोपहर बाद सेंसेक्स गिरकर संभला और 152 पर आया गया। इसी तरह निफ्टी 42.7 पर आ गया। बाजार संभलने पर कारोबारियों ने अपने निवेश सुरक्षित मान लिए।

‘ बजट में ऐसा कुछ नहीं है जिससे शेयर कारोबार प्रभावित हो। निवेशक खुल कर निवेश करें।’
- राजीव अग्रवाल, शेयर कारोबारी

-बजट सामान्य बैलेंसिंग होने से फिलहाल शेयर डाउन हुआ है। बजट पेशहोने के बाद रुपया पचास पैसे कमजोर हो गया था। रुपया अभी और कमजोर होने की संभावना है। डॉलर की कीमत 75 रुपये तक हो सकती है। सोने-चांदी की कीमत में ज्यादा फर्क नहीं आएगा
-अशोक सक्सेना उर्फ बबलू, शेयर ट्रेडर्स


एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से कार कारोबार नहीं होगा प्रभावित
पांच से 60 हजार तक की होगी बढ़ोत्तरी
ऑटो मोबाइल कारोबारियों का मानना है कि कारों पर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी से बाजार प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कंपनियां अप्रैल में नवरात्र पर कोई न कोई स्कीम जरूर लांच करेंगी। पेट्रोल की छोटी कारों की कीमतों में सिर्फ एक फीसदी की ही बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि डीजल की कारें ढाई गुनी महंगी हो जाएंगी। फैक्ट्रियों से तैयार होकर बाजार में आने वाली कारों के नए दाम पहली मार्च से ही लागू हो जाएंगे।
कारों पर बढ़ी एक्साइज ड्यूटी पहली मार्च से लागू हो जाएगी, हालांकि शो रूम पर खड़ी कारें पुरानी दरों पर ही बेची जाएंगी। उत्पाद शुल्क बढ़ने से कारों की कीमतों में पांच से 60 हजार रुपये तक की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
‘ उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया गया है, इससे बाजार प्रभावित नहीं होगा। बढ़ोत्तरी तो होती रहती है, थोड़ी सी राशि को तो ग्राहक एडजेस्ट कर लेते हैं।’ अनिल अग्रवाल, महालक्षमी मोटर्स, महिंद्रा

‘ टैक्स बढ़ना स्वभाविक प्रक्रिया है। कंपनियां ग्राहकों की जरूरत के अनुसार बाजार तैयार कर लेती हैं। उम्मीद है कि नवरात्र पर कोई योजना आएगी, जिससे बढ़ी हुई कीमतों का कार खरीदने वालों पर असर दिखाई नहीं देगा। ’ अजय अग्रवाल, कोरल मोटर्स, मारुति डीलर
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