बरेली वार्ड संख्या 64 में विकास कार्यों को अटकाने और अनुबंध प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर नगर निगम के अधिशासी अभियंता ने जागेश्वर कॉन्ट्रैक्टर को नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो फर्म की धरोहर धनराशि जब्त कर उसे दो साल के लिए डिबार (ब्लैकलिस्ट) कर दिया जाएगा।
मामला सिकलापुर स्थित नीलम होटल से दुर्गा मंदिर होते हुए विशाल इलेक्ट्रिकल्स तक नाली और सीसी सड़क के निर्माण से जुड़ा है। राज्य वित्त आयोग और नगर निगम निधि के अंतर्गत इस कार्य की निविदा 17 अप्रैल को स्वीकृत की गई थी। फर्म ने 20 अप्रैल को स्वीकृति सूचनापत्र प्राप्त कर लिया था। नियमानुसार तीन दिनों के भीतर (23 अप्रैल तक) जरूरी स्टाम्प और जमानत राशि जमाकर अनुबंध कराना अनिवार्य होता है।
नोटिस के अनुसार, निर्धारित समय बीतने के कई दिनों बाद भी ठेकेदार ने अनुबंध की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। निर्माण कार्य शुरू न होने से क्षेत्र के निवासियों और राहगीरों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। निगम ने ठेकेदार के इस रवैये को मनमाना करार देते हुए कहा है कि इससे नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है। अधिशासी अभियंता राजीव राठी ने बताया कि फर्म को पांच दिनों का समय देते हुए लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। यदि फर्म निर्धारित अवधि में कारण बताने और अनुबंध करने में विफल रहती है तो उसे दो वर्षों के लिए डिबार किया जाएगा।
ठेकेदार पर अभद्रता का आरोप
इसी मामले में पार्षद और अधिकारियों से ठेकेदार पर अभद्र व्यवहार करने व धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने बताया कि अवर अभियंता मनीष फोन कॉल पर ठेकेदार से कार्य प्रगति के संबंध में बात कर रहे थे। इसी दौरान ठेकेदार ने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि आईजीआरएस शिकायत पर कार्य शुरू कराने के निर्देश के बाद ठेकेदार ने यह भाषा इस्तेमाल की। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और अनुशासन बनाए रखने के लिए ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला शासन तक पहुंच गया है।