भोजीपुरा। धौराटांडा-आटामांडा मार्ग इस कदर जर्जर हो चुका है कि उस पर साइकिल तक चलाना मुमकिन नहीं रह गया है। गड्ढे इस कदर गहरे हो चुके हैं कि अक्सर कोई न कोई ऐसा हादसा हो जाता है जिसमें किसी न किसी की जान चली जाती है। गांव वालों का कहना है कि इसके बावजूद न कोई अफसर सुन रहा है न जनप्रतिनिधि।
शुक्रवार पर नैनीताल हाईवे पर जाम लगाकर धरने पर बैठी भीड़ में सड़क की अनदेखी को लेकर भारी गुस्सा झलका। धरने का नेतृत्व कर रहे लोगों ने तय किया था कि वे शांतिपूर्ण ढंग से नैनीताल हाईवे के किनारे प्रदर्शन करेंगे लेकिन भीड़ इकट्ठी होने के बाद उसमें शामिल युवाओं ने हाईवे की दोनों लेन पर कब्जा जमाकर जाम लगा दिया।
सूचना पर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर भोजीपुरा आरके सिंह भीड़ को समझाकर जाम खोलने को कहा लेकिन भीड़ नहीं मानी। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे लोगों ने भी युवाओं से सड़क से उठने की अपील की लेकिन उन्होंने उनकी भी एक नहीं सुनी। जब नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे तो युवाओं ने उनकी गाड़ी भी घेर ली। इसके बाद करीब एक किलोमीटर तक पैदल ही नायब तहसीलदार ने सड़क का मुआयना किया।
नायब तहसीलदार ने गांव वालों की समस्या को गंभीर मानते हुए पांच लोगों को इस संबंध में वार्ता करने के लिए सदर तहसील बुलाया है। इसके बाद करीब पौने पांच बजे प्रदर्शन खत्म हुआ। इस दौरान मोहम्मद शाकिर रजवी, वाहिद चौधरी, मोहम्मद नाजिम, डॉ. तंजीम सिराज, तनवीर उल इस्लाम, चेयरमैन के पति इफ्तिखार अहमद, मोहम्मद अमजद उर्फ अन्ना, इरशाद रजवी आदि मौजूद रहे।