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बदायूं रोड पर मासूम का शव रखकर लगाया जाम

Fri, 10 Jul 2015 12:59 AM IST
बरेली
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बरेली। बिजली विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से खंभे के नीचे दबकर हुई मासूम सचिन की मौत पर बृहस्पतिवार को भी लोग भड़क उठे। चौरासी घंटा मंदिर के पास बदायूं रोड पर बच्चे का शव रखकर जाम लगा दिया। पंद्रह लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे लोगों ने करीब तीन घंटे तक जाम लगाए रखा। जाम की वजह से बदायूं रोड पूरी तरह बंद हो गया था। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी प्रदर्शनकारियों को मनाने की कोशिश करते रहे। अंतत: मृतक के परिवार को पांच लाख कामुआवजा और घायल अमन का पूरा इलाज कराने के आश्वासन पर भीड़ शांत हुई और जाम खोला गया।
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बुधवार को सुभाषनगर के तिलक कॉलोनी में पोल की शिफ्टिंग के दौरान लापरवाही की वजह से पोल अचानक सड़क से गुजर रहे दो साइकिल सवार मासूमों पर गिर गया था। इस हादसे में आठ साल के सचिन की मौत हो गई और अमन घायल हो गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लापरवाह बिजली विभाग और उसके ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को लोग भड़क उठे। काफी संख्या में लोगों ने सचिन का शव बदायूं रोड पर रखकर जाम लगा दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। जाम से यातायात ठप हो गया। जिससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। सिटी मजिस्ट्रेट उमेश कुमार मंगला, सीओ द्वितीय डीएस मार्छाल, एसओ जेपी यादव समेत किला, कोतवाली की पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई। उग्र भीड़ ने बच्चे के परिवार को पंद्रह लाख मुआवजे की मांग की। इस पर अफसरों ने कंपनी के ठेकेदार से बात कर पांच लाख का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। कंपनी के ठेकेदार ने दिल्ली से बच्चे के पिता के नाम से पांच लाख चेक काटकर फैक्स किया और चेक अपने एक कर्मचारी को लेकर बरेली भेजने की बात कही। साथ ही घायल अमन का पूरा इलाज कराने का वादा किया। तब भीड़ शांत हुई। तीन घंटे बाद जाम तो खुल गया लेकिन यातायात सामान्य होने में घंटों लगे।

अफवाह ने भी भरा गुस्सा
सुभाषनगर थाने में पुलिस और प्रशासन के अफसर कंपनी के सुपरवाइजर अरविंद के माध्यम से दिल्ली में बैठे कंपनी के ठेकेदार यूसुफ खान से मुआवजे की बात कर रहे थे। पीड़ित पक्ष की तरफ से भी कई लोग थाने में मौजूद थे। इसी दौरान अफवाह फैली कि निजी अस्पताल में भर्ती घायल अमन के लिए भी बुरी खबर है। ये सुनकर थाने में मौजूद लोग भड़क उठे और ठेकेदार को पकड़ने की मांग की। सीओ द्वितीय डीएस मार्छाल ने तुरंत बच्चे के बारे में अस्पताल से पता किया तो वह ठीक था और उसकी हालत में सुधार बताया गया। तब लोग शांत हुए।
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जाम लगाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
बच्चे की मौत बेहद दुखद घटना है। इसे संजीदगी से लेते हुए बिजली विभाग के ठेकेदार और सुपरवाइजर पर तुरंत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित पक्ष को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया था। ठेकेदार ने पांच लाख मुआवजा दे दिया। जाम लगाना कानून व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करना था। इसके पीछे जिसने नेतागिरी की है, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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- डीएस मार्छाल, सीओ द्वितीय
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