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आंवला-भमोरा सड़क के लिए जाम

Wed, 10 Dec 2014 12:19 AM IST
अांवला/बरेली
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाजपाई मंगलवार को आंवला-भमौरा और रम्पुरा सिरौली मार्ग के लिए सड़क पर उतर आए। विधायक धर्मपाल सिंह की अगुवाई में भमोरा रोड स्थित मंडी समिति गेट पर धरना-प्रदर्शन किया गया। कोतवाल के हड़काने पर कार्यकर्ता भड़क गए और रोड जाम कर दिया। हंगामा बढ़ने पर एसडीएम पुष्पा देवरार को आना पड़ा। उन्होंने एक महीने में सड़क बनवाने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
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सुबह से ही धरना स्थल पर भाजपाई जुटने लगे थे। इस मौके पर विधायक धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार न सुन रही है न देख रही है। प्रदेश के लोगों के दुख-दर्द की उसे परवाह नहीं है। एक साल पहले आमरण अनशन किया गया था। उस समय आश्वासन देकर अनशन खत्म करवा दिया गया था मगर सड़क बनवाने के प्रयास आज तक नहीं हुए। इस बीच आंवला-भमोरा सड़क पर ट्रैक्टर ट्राली लगा रहे कुछ कार्यकर्ताओं को कोतवाल शक्ति सिंह ने फटकार लगाई तो वे भड़क गए। उनकी कोतवाल से नोकझोंक भी हुई।

इसके बाद भाजपाइयों ने जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंची एसडीएम पुष्पा देवरार से महिला मोर्चा की सदस्यों की भी नोकझोंक हो गई। बाद में एसडीएम ने मंच से कार्यकर्ताओं से कहा कि सड़क के बारे में आला अफसरों को अवगत कराया जाएगा। एक महीने में सड़क बनवाने की दिशा में काम होगा। उन्होंने धरना खत्म करने की अपील भी की।
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शहर विधायक अरुण सक्सेना, जिला अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, एमएल मौर्य, नन्हे लाल गंगवार, आदेश प्रताप सिंह, धर्मपाल आजाद, आयुष सक्सेना, महामंत्री संजीव सक्सेना, प्रभाकर शर्मा, प्रमोद अनुरागी ने भी अपनी बात रखी।  इस मौके पर वीर सिंह, राजाराम बादशाह, रनवीर यादव, अंकुर वर्मा, इंद्रभान सिंह, मनोज मौर्य, राकेश मोहन त्यागी, बीरेंद्र शर्मा, विनोद वर्मा, रामवीर सिंह, गोपाल माहेश्वरी, लालमन मौर्य, अतुल गुप्ता, सुनील गांधी, महेश तिवारी आदि मौजूद रहे।

वादा नहीं निभाया तो नींद हराम कर देंगे
जिला अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने कहा कि यदि एक महीने में सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो बहेडी, मीरगंज, फरीदपुर और बरेली नगर के कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरेंगे। अफसरों का घेराव कर नींद हराम कर दी जाएगी।

महिलाओं की चिंता तो करिए
महिला मोर्चा की उषा सतीजा और लता सक्सेना ने एसडीएम से कहा कि आंवला की जर्जर सड़कों पर चलने वाली महिलाएं खुद की असुरक्षित समझती हैं। शाम को तो महिलाएं इन सड़कों पर जाना ही नहीं चाहतीं।
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