इलेक्ट्रिक इंजन की मेंटीनेंस गोंडा डीजल शेड में होगी
बरेली। बरेली सिटी स्टेशन से कासगंज रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने के लिए आठ इलेक्ट्रिक इंजन इज्जतनगर रेल मंडल को स्वीकृत हुए हैं। बरेली सिटी से कासगंज तक सीआरएस का निरीक्षण होने के बाद यह इंजन इज्जतनगर मंडल को सौैंप दिए जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि सबसे पहले ईएमयू (इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन ही इस रेल खंड पर चलाई जाएगी। इसके बाद अब ट्रेनों को इलेक्ट्रिक पावर में बदलने की कार्रवाई रेलवे बोर्ड की सहमति के आधार पर की जाएगी। दिक्कत इंजन की मेंटीनेंस को लेकर आ सकती है, क्योंकि फिलहाल अभी इसकी मेंटीनेंस गोंडा के डीजल शेड में ही की जा रही है।
सिटी स्टेशन से कासगंज तक इलेक्ट्रिफिकेशन का सीआरएस (मुख्य संरक्षा आयुक्त) का निरीक्षण 15 से 20 मार्च के बीच होगा। रेलवे ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। सीआरएस निरीक्षण के बाद सभी पैसेंजर ट्रेनें लाइट वेट कोच के साथ ईएमयू में बदल दी जाएंगी। यहां बता दें कि कासगंज से बरेली सिटी तक रोजाना सात पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं। सबसे पहले सुबह साढ़े सात बजे चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को ईएमयू ट्रेन में बदला जाएगा। अन्य ट्रेनों में इलेक्ट्रिक इंजन लगाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। फिलहाल इज्जतनगर रेल मंडल को आठ इलेक्ट्रिक इंजन स्वीकृत हुए हैं, जो सीआरएस के निरीक्षण के बाद मंडल को सौंप दिए जाएंगे।
इलेक्ट्रिक इंजन का मेंटीनेंस
कर सकता है परेशान
सबसे बड़ी दिक्कत इलेक्ट्रिक इंजन की मेंटीनेंस को लेकर है। इज्जतनगर स्थित डीजल शेड में फिलहाल डीजल इंजन की मेंटीनेंस होती है। इलेक्ट्रिक इंजन मेंटीनेंस के लिए गोंडा डीजल शेड ही भेजे जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि सिटी कासगंज रूट इलेक्ट्रिफाइड होने के बाद रामनगर से चलने वाली आगरा फोर्ट और रामनगर बांद्रा एक्सप्रेस सिटी स्टेशन से इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान में कासगंज-उझानी तक 25000 वोल्ट से चार्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 26 फरवरी के बाद इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल भी कराया जाएगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो मार्च में यात्री इस खंड पर भी इलेक्ट्रिक ट्रेनों से यात्रा कर सकेंगे।
सिटी स्टेशन से बरेली जंक्शन तक इलेक्ट्रिक वायरिंग का काम पूरा
आरवीएनएल ने सिटी स्टेशन से जंक्शन तक ओएचई लाइन बिछाने का काम शनिवार को पूरा कर लिया। आरवीएनएल के लिए यह सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसको पूरा कर लिया है, साथ ही करीब दो हजार वोल्ट का करंट भी दौड़ा दिया गया है, जिससे तार चोरी होने की आशंका भी खत्म हो गई है।
इलेक्ट्रिक रूट होने के बाद पैसेंजर ट्रेनों में इलेक्ट्रिक इंजन का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। फिलहाल अभी ऐसी कोई योजना नहीं है। सीआरएस निरीक्षण होने के बाद ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह, पीआरओ इज्जतनगर रेल मंडल