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Bareilly News: आईवीआरआई के शुभम नरवाल को मिली ऑक्सफोर्ड रोड्स फेलोशिप

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बरेली। इंग्लैंड की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रोड्स फेलोशिप भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के छात्र शुभम नरवाल को मिली है। देश में पहली बार किसी को पशु चिकित्सा के क्षेत्र में यह फेलोशिप मिली है।
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आईवीआरआई स्नातक कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रजत गर्ग के मुताबिक शुभम बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंडरी के छात्र हैं। इनसे पूर्व पशु चिकित्सा के क्षेत्र में आस्ट्रेलिया निवासी स्टीव डैले को वर्ष 2002 में यह फेलोशिप मिली थी। फेलोशिप के तहत शुभम ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में निशुल्क पढ़ाई करेंगे। यहां से हवाई सेवा से आवागमन, वहां निवास, भोजन व अध्ययन संबंधी सभी खर्च यूनिवर्सिटी वहन करेगी। क्लीनिकल एंब्रियोलॉजी विषय से परास्नातक करने के साथ ही शुभम को बतौर फेलो प्रतिवर्ष 24 लाख रुपये भी मिलेंगे।
फेलोशिप के तहत शुभम एक वर्षीय परास्नातक की पढ़ाई के बाद तीन वर्ष पीएचडी करेंगे। चार वर्षों तक उनकी शिक्षा निशुल्क रहेगी। डॉ. रजत ने बताया कि यह देशवासियाें के साथ आईवीआरआई के लिए गर्व का क्षण है।
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इन्फर्टिलिटी में करेंगे परास्नातक, फिर पक्षियों पर करेंगे शोध
मूल रूप से हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी शुभम के पिता डॉ. सुभाष चंद्र नरवाल नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनाल में वैज्ञानिक हैं। मां सुनीता नरवाल गृहणी हैं। भाई साहिल नरवाल जर्मनी में फॉरेस्ट इकोलॉजी की पढ़ाई कर रहे हैं। शुभम ने बताया कि वे अभी पशु चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे हैं। ऑक्सफोर्ड से क्लीनिकल एंब्रियोलॉजी के तहत इन्फर्टिलिटी पर अध्ययन करेंगे। पीएचडी राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण की ब्रीडिंग बढ़ाने पर करेंगे।

जानिए, क्या है रोड्स फेलोशिप
रोड्स फेलोशिप वर्ष 1903 में इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से शुरू की गई है। भारत में इसकी शुरुआत आजादी के बाद वर्ष 1947 में हुई। प्रतिवर्ष मेधावी छात्रों को वहां पढ़ने के लिए ये फेलोशिप दी जाती है। इसकी चयन प्रक्रिया बेहद कठिन है। बगैर फेलोशिप पढ़ाई भी बेहद महंगी है, पर चयनित विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा और अन्य सुविधाएं मिलती हैं।
ये भी हुए चयनित
शुभम के साथ ही चार अन्य भारतीयों को भी अलग-अलग क्षेत्र में रोड्स फेलोशिप मिली है। इसमें दिल्ली की जवाहर लाल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स के छात्र रायन चक्रवर्ती, बंगलूरू नेशनल लॉ स्कूल की विधि विभाग की छात्रा विभा स्वामीनाथन, झारखंड में दिव्यांगों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा पर शोध करने वाले अवनीश वत्स, आईआईटी मुंबई से बीटेक इन इंजीनियरिंग फिजिक्स के छात्र पाॅल अग्रवाल शामिल हैं। अजीत प्रताप सिंह
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